*अपराधियों पर शिकंजा, पुलिस पर जवाबदेही, सामान्य जन का भरोसा – पुलिस अधीक्षक की मीटिंग में मापदंड तय*
राजनांदगांव।पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा आज जिले के समस्त 18 थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित एवं वर्तमान प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान लंबित अपराधों के शीघ्र निपटान, वर्तमान प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं NATGRID के माध्यम से मामलों के निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिन प्रकरणों में बाहरी टीम भेजना आवश्यक है, उनके लिए स्पष्ट रणनीति एवं दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए।
वर्ष 2026 के प्रथम तीन माह में प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण की थाना-वार समीक्षा की गई। इसमें प्रत्येक थाने में प्राप्त शिकायतों की संख्या, निराकृत प्रकरण, फाइनल रिपोर्ट, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, दर्ज एफआईआर, कायम अपराध तथा लंबित मामलों की स्थिति का विश्लेषण किया गया।
पुराने लंबित प्रकरणों, विशेषकर धारा 173(8) CrPC के अंतर्गत लंबित चालानों के संबंध में भी समीक्षा कर शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही, मर्ग प्रकरणों के निपटान एवं न्यायालय में निर्धारित समय-सीमा में चालान प्रस्तुत करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट किया गया कि विवेचना का मुख्य उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना होना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। जिन थानों में अत्यधिक लंबित प्रकरण पाए गए तथा विवेचना में शिथिलता बरती जा रही थी, उनके विरुद्ध स्पष्टीकरण एवं जांच के आदेश दिए गए।
साथ ही पुलिस के सूचना संकलन को सुदृढ़ करने एवं किसी भी घटना के घटित होने पर संबंधित बीट प्रभारी एवं आरक्षक की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने के संबंध में भी सख्त निर्देश दिए गए।
आगामी माह की कार्ययोजना के अंतर्गत बीट सिस्टम के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा “ऑपरेशन तलाश” के तहत गुमशुदा बालक-बालिका, महिला एवं पुरुषों की दस्तयाबी के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। वर्ष 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रकरणों को केस स्टडी के रूप में प्रस्तुत कर निरीक्षकों द्वारा उनके सफल निराकरण पर व्याख्यान दिया गया।





