अमलीडीह एबीस प्लांट में हादसे में कर्मचारी की मौत, मुआवजे की मांग पर चक्काजाम

  • परिजनों को 10 लाख रुपये देने, बच्चों के नाम एफडी और पत्नी को आजीवन 10 हजार रुपये मासिक देने पर बनी सहमति; मजदूरों ने सुविधाएं बढ़ाने की भी रखी मांग

घनश्याम साव,डोंगरगांव। राजनांदगांव-चौकी मार्ग पर अमलीडीह स्थित एबीस समूह के ड्रोल्स पेट फूड प्राइवेट लिमिटेड प्लांट परिसर में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में कंपनी के कर्मचारी की मौत हो गई। सामान से लोड इलेक्ट्रिक यूटिलिटी पिकअप के अचानक रिवर्स होने के दौरान पीछे खड़े कर्मचारी के पिछले पहिये की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों, मजदूरों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब छह घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रबंधन की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने पर आंदोलन समाप्त हुआ।

मृतक की पहचान ग्राम भाखरी निवासी ललित ठाकुर (37 वर्ष), पिता बिसन ठाकुर के रूप में हुई है। वह उक्त कंपनी में कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 2.30 बजे प्लांट परिसर में सामान से लोड इलेक्ट्रिक पिकअप अचानक रिवर्स हो गया। इस दौरान पीछे मौजूद ललित ठाकुर वाहन के पिछले पहिये की चपेट में आ गया। हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन उसे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुआवजे की मांग पर शुरू हुआ प्रदर्शन..

घटना की जानकारी सुबह मजदूरों और ग्रामीणों को मिलने के बाद प्लांट के आसपास भीड़ जुटने लगी। सुबह करीब 10 बजे मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया गया। करीब तीन घंटे बाद पोस्टमार्टम के पश्चात शव मौके पर पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया। इस दौरान कंपनी के मजदूरों ने मुआवजे के साथ मजदूरी बढ़ाने और अन्य सुविधाओं में सुधार की मांग भी रख दी।

प्लांट परिसर में घुसी भीड़, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी…

मांगों को लेकर चल रही बातचीत के बीच कुछ प्रदर्शनकारी मृतक का शव लेकर प्लांट के अंदरूनी हिस्से में चले गए। इसी दौरान आक्रोशित भीड़ का एक हिस्सा गेट के भीतर प्रवेश कर गया और परिसर में तोड़फोड़ की घटना हुई। कुछ लोगों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने की भी जानकारी सामने आई। इस घटना में कई कर्मचारी घायल हो गए।

घायलों में सतीश वासनिक के सिर में चोट आई, जबकि अफ्फार खान के हाथ और पीठ में चोट लगने की जानकारी दी गई। इसके अलावा सागर कुमार, जितेंद्र कुमार, डीके साहू, सोमेंद्र पाटिल, भूपेंद्र वर्मा, समीर खान और सुजीत कुमार राजपूत के भी घायल होने की बात सामने आई है। घायलों का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी रहा।

मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता पर सहमति..

प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बीच मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने सहित विभिन्न मांगों पर सहमति बनी। सहमति के अनुसार, मृतक की दोनों बेटियों लवण्या और नंदिनी के नाम ढाई-ढाई लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त 10 लाख रुपये की नकद सहायता दो दिन के भीतर देने तथा बीमा की राशि जल्द दिलाने की बात कही गई।साथ ही अंत्येष्ठि के कार्यक्रम हेतु एक लाख रुपये तथा मृतक की पत्नी को आजीवन प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने और दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने पर भी सहमति बनी। इन मांगों पर सहमति के बाद मुख्य मार्ग पर चल रहा चक्काजाम समाप्त किया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।

मजदूरों की मांगों पर एक सप्ताह बाद बैठक..

प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी उठाई। प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर विचार करने के लिए एक सप्ताह बाद बैठक आयोजित करने की बात कही गई। इसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे..

घटना और चक्काजाम की सूचना मिलने पर सीएसपी कीर्तन राठौर, एसडीएम अनिकेत साहू, एसडीओपी मंजूलता बाज, तहसीलदार कमल किशोर साहू तथा थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर मौके पर पहुंचे। पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, ताकि स्थिति बिगड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। अधिकारियों ने प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।

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