ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच शनिवार से शुरू हुई जंग से वैश्विक स्तर पर हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। दुनियाभर के लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि आधिकारिक तौर पर हो चुकी है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार की सुबह को पुष्टि की कि खामेनेई अमेरिका-इजरायल हमलों में मारे गए। खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरानी सरकार ने 40 दिन के शोक का ऐलान किया। वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि देश खामेनेई की मौत का शोक नहीं मनाएगा।
वहीं, खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान के सुप्रीम लीडर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए, और इसे ईरानियों के लिए अपने देश पर कंट्रोल वापस पाने का “सबसे बड़ा मौका” बताया।
ट्रंप ने एक बयान में कहा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गया है। यह ईरान के लोगों के लिए और सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के कई देशों के उन लोगों के लिए न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उनके खून के प्यासे गुंडों के गैंग ने मार डाला या घायल कर दिया। खामेनेई हमारे इंटेलिजेंस और बहुत एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाए और इजरायल के साथ मिलकर काम करते हुए, ऐसा कुछ भी नहीं था जो वह या उनके साथ मारे गए दूसरे नेता कर सकें।”
इस बीच, ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ बड़ा मिलिट्री कैंपेन जारी रहेगा। ट्रंप ने पोस्ट में कहा, “हालांकि, भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते बिना रुके जारी रहेगी या जब तक मिडिल ईस्ट और असल में, पूरी दुनिया में शांति के हमारे मकसद को पाने के लिए जरूरी होगा!”
ट्रंप ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, आर्म्ड फोर्सेज और पुलिस से इम्यूनिटी के बदले अपने हथियार डालने की अपनी पिछली अपील एक बार फिर से दोहराई।





