Monday, February 23, 2026
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    एक्टर मनोज कुमार थे गुंडरदेही (इरागुड़ा) के किसान

     

    रायपुर।हरिकृष्ण गोस्वामी से भारत कुमार का सफर तय करते एक्टर मनोज कुमार ने फिल्म जगत में काफी नाम कमाया। कल उनका 87 वर्ष की उम्र में दुखद निधन हो गया। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मनोज कुमार छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही तहसील के अंतर्गत इरागुड़ा के किसान थे। उनका इस छोटे से गांव में 54 एकड़ का खेत था।

    मुंबई में रहते 1981 के आसपास जब मनोज कुमार शख्सियत बन गए। तो उन्होंने कृषि भूमि में निवेश करने की सोची। ऐसे में उन्होंने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में निवासरत अपने दोस्त, पेशे से पत्रकार सुर्दशन श्रृंगारी की सलाह ली। मनोज कुमार और सुर्दशन श्रृंगारी एबटाबाद (पाकिस्तान) के मूल निवासी थे। विभाजन के बाद दोनों भारत आ गए। सुर्दशन श्रृंगारी ने बालोद जिले के कृषि भूमि की महत्ता को देखते हुए मनोज कुमार को गुंडरदेही के इरागुड़ा गांव में एक लंबा-चौड़ा चक खरीदवा दिया।

    बालोद जिले में तांदुला और सूखा नाला नदियों के संगम पर स्थित तांदुला जलाशय का निर्माण ब्रिटिश अभियंता एडम स्मिथ के मार्गदर्शन में 1905 से 1912 के बीच हुआ था। यह छत्तीसगढ़ की पहली नदी परियोजना थी। इस जलाशय के बनने से आसपास के कृषि भूमि दू-फसली होने के साथ उत्पादक भी हो गई। इस कारण यहां की कृषि भूमि की ख्याति छत्तीसगढ़ अंचल से बाहर भी होने लगी।

    2004 में इस स्टोरी को कवर करने वाले छत्तीसगढ़ के ख्यातिनाम पत्रकार-साहित्यकार जाकिर हुसैन के मुताबिक इस जमीन की रजिस्ट्री करने तत्कालीन समय में मनोज कुमार की पत्नी शशि गोस्वामी और उनके पुत्र राजीव गोस्वामी दुर्ग पहुंचे थे। बहुत समय तक मनोज कुमार के परिवार ने व्यवस्था बनाकर यहां कृषि कार्य किया। लेकिन दूरी और दूसरी व्यस्तताओं के चलते उनके बेटे ने एक दिन आकर उस जमीन को विक्रय कर दिया।

    ख्यातिनाम अभिनेता के साथ छत्तीसगढ़ के किसान को विनम्र श्रद्धांजलि।

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