डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)। पुराने बाज़ार चौक में मंगलवार शाम आयोजित “मेरा दिल ये पुकारे आ जा” संगीतमय महफ़िल ने श्रोताओं को सुरों के ऐसे संसार में पहुंचा दिया, जहाँ हर दिल झूम उठा। शहर के उभरते और अनुभवी फनकारों ने किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के अमर गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं की शाम यादगार बना दी।

कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू हुआ और देर रात तक पुराने नग़्मों की सुरीली बहार छाई रही। ठंड के मौसम में श्रोता चाय की चुस्कियों और पोहे के स्वाद के साथ सुरों का आनंद लेते रहे। खास बात यह रही कि युवा ही नहीं, बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी महफ़िल में मौजूद रहे, और उनकी तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे वातावरण में रौनक भर दी।
आयोजक मंडल में
धर्मेंद्र जैन, रामकुमार गुप्ता, मनोज हेमनानी, आशु गुप्ता, छोटू साहू, चंद्रेश बेस, सुनील वैष्णव, रिंकू जैन, विपिन गोस्वामी, शकील खत्री, विजय जैन, नेबु मैथ्यू और आशीष उपस्थित रहे और कार्यक्रम का भरपूर लुत्फ उठाया।
गायकों की शानदार प्रस्तुतियाँ
मंच पर अपनी सुरीली आवाज़ का जादू बिखेरने वालों में शामिल रहे—
विमल शर्मा, डॉ. अतुल गुप्ता, सुमित जैन, एनेंद्र शर्मा, आशीष जैन, प्रियंक जैन, थानेंद्र साहू, हेमंत चोपड़ा, इरफान बड़गुजर, महेंद्र मानिकपुरी, शफ़ीक अहमद, प्रवीण सोनी, उज्जवल गुप्ता, स्वतंत्र जैन, योगेश जैन, शशांक, सिद्धांत गोस्वामी, अनिल साहू और संजय रामटेके।
अंत में संतोष चक्रधारी ने अपनी प्रस्तुति से पूरे माहौल को चरम पर पहुँचा दिया और समां बाँध दिया।





