कोरबा। जिले में पदस्थ कृषि मंडी अधिकारी राहुल साहू (33) को एक महिला अधिकारी से शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण (रेप) करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। घटना कटघोरा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इस मामले की जांच अभी जारी है। जानकारी के अनुसार, राहुल साहू और पीड़िता की पहली मुलाकात साल 2024-25 में काम के दौरान हुई थी। राहुल उस समय कटघोरा में पदस्थ थे जबकि पीड़िता दूसरे जिले में कार्यरत थी। प्रारंभ में दोनों के मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुए और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। इस दौरान राहुल ने पीड़िता से शादी का वादा किया और कई बार उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता ने बताया कि राहुल ने शादी की बात बार-बार टालते हुए उसे आश्वासन दिया। एक समय राहुल ने शादी जल्द करने की बात कही और 6 फरवरी 2026 को दोनों की शादी तय हो गई थी। लेकिन इसके ठीक पहले राहुल ने मोबाइल बंद कर दूरी बनाना शुरू कर दी। पीड़िता बार-बार संपर्क करने की कोशिश करती रही, लेकिन लंबे समय तक कोई जवाब नहीं मिला। बाद में जब दोनों की बात हुई, तो राहुल ने शादी से साफ इनकार कर धमकाना शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद पीड़िता ने कटघोरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी इस समय रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में पदस्थ है। 19 फरवरी को पुलिस टीम रायगढ़ पहुंची और राहुल साहू को गिरफ्तार कर कोरबा लेकर आई। पूछताछ में राहुल साहू ने अपने जुर्म की पुष्टि की। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पहलुओं की जांच भी जारी है और पीड़िता की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में समय पर कार्रवाई और पीड़िता का सहयोग महत्वपूर्ण है। पुलिस ने पूरे मामले में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर शोषण रोकने की दिशा में सतर्क रहने का संदेश भी दिया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और कर्मचारियों में खलबली मचा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कार्यस्थल पर संबंधों में पारदर्शिता और आपसी सहमति का होना जरूरी है। राहुल साहू की गिरफ्तारी से स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी सरकारी पद का दुरुपयोग कर शोषण करना गंभीर अपराध है और इसमें कोई भी बच नहीं सकता।





