खैरागढ़ ।जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे एक-एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही मिनटों में स्कूल का माहौल डर और अफरा-तफरी में बदल गया। शिक्षक और स्टाफ समझ ही नहीं पाए कि अचानक बच्चों के साथ क्या हो रहा है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, स्कूल खुलने से पहले कुछ बच्चे परिसर के आसपास उगे रतनजोत नामक जहरीले पौधे का फल खा बैठे थे। बच्चों को इसके जहरीले प्रभाव का अंदाज़ा नहीं था। प्रार्थना सभा के दौरान अचानक ज़हर का असर शुरू हुआ और 16 से 17 बच्चे बीमार पड़ गए।
हालात बिगड़ते देख सभी बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, चार बच्चों पर ज़हर का असर अधिक देखा गया है, जबकि अन्य बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे खैरागढ़ रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में बच्चों की हालत को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिले के जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी को घटना की जानकारी तक नहीं थी। जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा,
“मुझे इस घटना की जानकारी नहीं थी, मीडिया के माध्यम से पता चला है। जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
जिला शिक्षा अधिकारी का इस तरह घटना से अनभिज्ञ होना स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था, निरीक्षण प्रणाली और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर और आसपास मौजूद सभी जहरीले पौधों को तत्काल हटाने, लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह पूरा मामला खैरागढ़ जिले के करमतरा शासकीय प्राथमिक स्कूल का है, जहां एक छोटी सी अनदेखी मासूम बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गई।





