चिखलाकसा :- नगर पंचायत चिखलाकसा के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 8 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। 64 लाख की लागत से PWD द्वारा वर्ष 2016 में स्वीकृत कार्य में देरी और घटिया गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है।
*40 साल पुराना स्कूल, नहीं बढ़े कमरे*
विद्यालय में 1984 से हाई स्कूल व 1997 से हायर सेकेंडरी की पढ़ाई चल रही है। भवन 1986 में बना था। छात्र संख्या बढ़ने के बावजूद भवन विस्तार नहीं हुआ। कक्षों की कमी के चलते 2016 में 8 नए कमरों की स्वीकृति मिली थी।
*2024 में शुरू हुआ काम, फिर भी अधूरा*
10 साल में निर्माण पूरा नहीं हुआ। 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन अब भी अधूरा है। कमरों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में पेयजल व शौचालय की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे छात्राओं को अधिक परेशानी हो रही है। नए सत्र में एडमिशन लेने वाले बच्चों को दो पालियों में बैठाना पड़ रहा है।
*27% बिलो रेट पर टेंडर, गुणवत्ता संदिग्ध*
आरोप है कि ठेकेदार ने यह काम 27% बिलो रेट पर लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम दर पर गुणवत्ता प्रभावित होती है। निरीक्षण में दीवारों पर दरारें मिलीं व कुछ जगह बिना प्लास्टर के ही छत पर पुट्टी कर दी गई है।
*जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष, वर्तमान पार्षद वार्ड क्रमांक 11 बसंत जैन कहा कि – 6 माह का काम 10 साल में भी अधूरा*
जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष व वर्तमान में नगर पंचायत चिखलाकसा के वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद बसंत जैन ने जांच व कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “इस स्कूल भवन को बनने में 6 माह या ज्यादा से ज्यादा 8 माह लगते, परंतु ठेकेदार व अधिकारियों की लापरवाही से आज तक अतिरिक्त कमरों का निर्माण अधूरा है। हमारे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे एडमिशन कराने आते हैं, पर कमरों के अभाव में उन्हें शिक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी व ठेकेदार बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है।
“भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हितेश कुमार ने जताई नाराजगी
भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हितेश कुमार ने कहा, “यह 8 कमरों का निर्माण कार्य 7 वर्षों से चल रहा है, जो 2026 तक पूरा नहीं हुआ। नए सत्र में बच्चे टी.सी. निकालकर इस स्कूल में एडमिशन कराने आते हैं। एडमिशन तो हो जाता है, पर कक्ष नहीं होने से 2 पालियों में कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। ऐसे में ठेकेदार व अधिकारी बच्चों के भविष्य के साथ खेलते दिखाई पड़ रहे हैं। भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ट के प्रदेश कार्यसमिति हितेश कुमार ने बताया कि निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कर दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और PWD के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।






