Thursday, February 26, 2026
More

    छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने निश्चितकालीन आंदोलन करने का लिया निर्णय

    रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर आज दीपावली मिलन एवं पदाधिकारी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान फेडरेशन द्वारा कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी निश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आंदोलन की अंतिम रणनीति फेडरेशन की कोर कमेटी की बैठक में तय की जाएगी।  समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन पेंशनर्स फोरम के प्रदेश संयोजक बी. पी. शर्मा ने पेंशनरों की ज्वलंत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए पेंशनरों के हित में लिए गए निर्णयों से अवगत कराया। इसमें प्रदेश में पेंशनर्स सेल की स्थापना तथा 80 वर्ष की आयु के उपरांत पेंशनरों के वेतन निर्धारण से संबंधित निर्णय प्रमुख हैं। उन्होंने पेंशनरों के लिए कैशलेस सुविधा एवं धारा 49(6) के स्थायी समाधान हेतु केंद्र सरकार से पहल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।इस अवसर पर प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा फेडरेशन के अब तक के संघर्षों से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा और सम्मान के लिए एकजुट होकर संघर्षरत रहना होगा। प्रांतीय संरक्षक सुभाष मिश्रा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न संगठनों के प्रांतीय अध्यक्षों का एक मंच पर आना समय की मांग है। उन्होंने प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा फेडरेशन में जताए गए अटूट विश्वास की प्रशंसा की और सभी संगठनों से फेडरेशन के साथ जुड़ने की अपील की।  फेडरेशन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं 1️⃣ केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए। 2️⃣ DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए। 3️⃣ सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए। 4️⃣ लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए। 5️⃣ प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए। 6️⃣ सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए। 7️⃣ अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए। 8️⃣ प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए। 9️⃣ अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए। 🔟 दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने। 1️⃣1️⃣ सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा इन 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन निश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ करेगा

     

     

     

    Hot Topics

    Related Articles

    error: Content is protected !!