Tuesday, February 24, 2026
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    छत्तीसगढ़ की माटी से निकला सितारा — रोहित कुमार की पहली फिल्म से सिनेमा को मिलेगा नया आयाम

     

    छत्तीसगढ़ की पावन धरती से उभरे युवा अभिनेता रोहित कुमार अब बड़े परदे पर अपनी पहली फिल्म के साथ दस्तक देने जा रहे हैं। यह फिल्म केवल एक सिनेमा प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, सोच और युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। रोहित का यह डेब्यू प्रोजेक्ट एक्शन और ड्रामा से भरपूर होने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और आज के युवाओं की सोच को भी उजागर करेगा।

     

    सिनेमा, शिक्षा और जुनून का मेल

    रोहित कुमार का जीवन सफर असाधारण रहा है। रायपुर के मेडिकल कॉलेज से लेकर मैसूर और दिल्ली तक की उनकी शैक्षणिक यात्रा इस बात की मिसाल है कि कैसे शिक्षा और जुनून मिलकर इंसान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही रोहित स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं।

     

    रंगमंच से फिल्म तक का सफर

    स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही डांस और ड्रामा में हिस्सा लेकर रोहित ने अपनी रचनात्मकता को तराशा। अब वे उसी अनुभव को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं — एक ऐसे मकसद के साथ, जिसमें छत्तीसगढ़ी सिनेमा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना शामिल है।

     

    फिल्म में दिखेगा छत्तीसगढ़ का असली रंग

    हालांकि फिल्म का नाम अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन इसमें रोहित एक ऐसे किरदार में नजर आएंगे जो अधिकार और न्याय के लिए संघर्ष करता है। फिल्म की कहानी एक्शन, भावना और सामाजिक संदेशों से भरपूर होगी। खास बात यह है कि इस फिल्म में छत्तीसगढ़ की असली मिट्टी की खुशबू, पारंपरिक युद्ध कलाओं और युवाओं की नई सोच को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। इसके लिए रोहित मार्शल आर्ट्स और पारंपरिक युद्ध कलाओं की भी विशेष ट्रेनिंग ले रहे हैं।

     

    स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच

    फिल्म की शूटिंग छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थलों और अन्य राज्यों में की जाएगी। इसमें स्थानीय कलाकारों और तकनीकी टीम को भी प्रमुखता दी जा रही है, जिससे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

     

    एक संवाद, जो दिल छू जाए

    इस फिल्म का एक डायलॉग पहले ही चर्चा में है, जो छत्तीसगढ़ी सोच और देशभक्ति को दर्शाता है:

    “जेकर मन म अपन देश बर मया होथे, वोला वर्दी पहिरे के जरूरत नइ परय – ओकर सोच अऊ बलिदान ओकर पहचान बन जाथे।”

    नई पहचान की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

    यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं की नई पहचान है — पढ़े-लिखे, जागरूक, रणनीतिक सोच वाले और समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा रखने वाले युवा। रोहित कुमार की यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को नई दिशा देगी, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी नई उड़ान देगी।

    जल्द ही फ्लोर पर जाएगी फिल्म

    यह फिल्म आने वाले कुछ महीनों में फ्लोर पर जाएगी और अगले साल तक बड़े परदे पर दस्तक देगी। दर्शकों के लिए यह एक ऐसा अनुभव होगी, जिसमें न केवल मनोरंजन मिलेगा, बल्कि गर्व की भावना भी जागेगी — एक छत्तीसगढ़िया की कहानी, जो पूरे भारत के दिल को छू जाएगी।

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