- 147 यूनिट पर 1.36 लाख नगर पंचायत को थमाया बिल, सी एम ओ ने उठाए सवाल
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।बिजली बिल को लेकर नगर पंचायत और बिजली कंपनी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। नगर पंचायत का आरोप है कि बेहद कम खपत के बावजूद लाखों रुपये का बिल थमा दिया गया, जो तकनीकी त्रुटि का परिणाम हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, जुलाई 2025 में मात्र 147 यूनिट खपत पर करीब 1 लाख 36 हजार रुपये का बिल जारी किया गया। जबकि जून 2025 में 648 यूनिट खपत पर लगभग 22 हजार रुपये का बिल भेजा गया था। इतनी कम खपत पर असामान्य रूप से अधिक राशि का बिल आने से नगर पंचायत प्रशासन ने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
मीटर रीडिंग में गड़बड़ी का आरोप
सीएमओ का कहना है कि एक बंद मीटर का भी बिल जारी कर दिया गया। साथ ही आरोप है कि दूसरे मीटर की रीडिंग नगर पंचायत के मीटर में जोड़ दी गई, जिससे बिल असामान्य रूप से बढ़ गया।
नगर पंचायत द्वारा इस संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
व्हाट्सऐप स्टेटस से बढ़ी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, जवाब न मिलने पर सीएमओ ने बढ़े हुए बिल का स्क्रीनशॉट अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
जांच और सुधार की मांग
नगर पंचायत ने बिलों की तकनीकी जांच, मीटर रीडिंग का सत्यापन और गलत बिलों के संशोधन की मांग की है। अब देखना होगा कि बिजली कंपनी इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देती है और बिल सुधार की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।
नगर पंचायत डोंगरगांव के द्वारा सीएसपीडीसीएल के ई. बीरबल उइके को लगातार गलत बिल के संबंध में पत्र लिखा जा रहा है। उनकी ओर से केवल लोड क्षमता कम करने के विषय में उत्तर मिला है। बाकी किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया गया है।
विन्रम जेमा, सीएमओ, नगर पंचायत, डोंगरगांव
इस विषय में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उनके पत्र आए हैं। मटिया पंप की शिकायत पर बिल कम भी किया गया है। मीटर बदलते समय रीडिंग में त्रुटि आ गई थी।
बीरबल उइके, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सीएसपीडीसीएल, डोंगरगांव



