Monday, February 23, 2026
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    डॉग विमला ने 10 किलोमीटर जंगल में लापता तरुण सिदार को ढूंढ निकाला

    बिलासपुर। जिले के बेलगहना पुलिस चौकी क्षेत्र में एक लापता व्यक्ति को पुलिस डॉग की मदद से खोज निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस डॉग विमला ने लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए घने जंगल में बेहोशी की हालत में पड़े तरुण सिदार (48 वर्ष) को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना डांडबछाली गांव के पास हुई, जहां तरुण दो दिन पहले अपने खेत के लिए घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। 21 फरवरी को अरुण सिंह सिदार ने बेलगहना थाने में अपने चाचा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जानकारी मिली कि 19 फरवरी की सुबह तरुण सिदार तुलुफ गांव स्थित अपने खेत जाने के लिए घर से निकले थे। परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घटना की जांच के दौरान पता चला कि तरुण सिदार अपने साथियों – भक्तनारायण, सूरज सिंह, बलराम सिदार और शत्रुहन सिदार के साथ तुलुफ के खेत में शराब पी रहे थे। इस पर बेलगहना पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और अनुविभागीय अधिकारी नूपुर उपाध्याय के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाया, लेकिन तरुण सिदार के साथियों से पूछताछ में कोई उपयोगी जानकारी नहीं मिल सकी क्योंकि वे नशे की हालत में थे। तलाश के दौरान तरुण सिदार की टोपी और चप्पल घटनास्थल पर बरामद हुई। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद ली। बिलासपुर से पुलिस डॉग विमला और हैंडलर मनोज साहू को घटनास्थल पर भेजा गया। डॉग ने टोपी और चप्पल की गंध से लगभग 10 किलोमीटर तक जंगल में तरुण सिदार का पता लगाया।  अंततः पुलिस डॉग विमला ने तरुण सिदार को पहाड़बछाली के घने जंगल में अचेत अवस्था में पाया। टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक इलाज कराया। तरुण ने बताया कि वह अधिक नशे में था और रातभर भूखा-प्यासा जंगल में भटकता रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते तरुण को ढूंढा नहीं जाता, तो जंगल में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। डॉग विमला की मदद से यह कार्य सफल रहा। पुलिस डॉग स्क्वाड ने पहले भी कई मामलों में लोगों की खोज और अपराध सुलझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।  इस घटना ने ग्रामीणों और पुलिस विभाग के बीच डॉग स्क्वाड की उपयोगिता को फिर से उजागर किया है। अधिकारीयों ने बताया कि डॉग विमला का प्रशिक्षण और उसकी सूंघने की क्षमता के कारण कई लापता लोगों की समय पर खोज संभव हुई है। इस मामले में पुलिस ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे किसी भी लापता व्यक्ति के मामले में डॉग स्क्वाड का उपयोग किया जाएगा ताकि समय पर व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके। इस पूरे अभियान में बेलगहना पुलिस टीम, डॉग हैंडलर और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर तेजी और कुशलतादिखाई। घटना की सफलता ने पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीकी साधनों के इस्तेमाल की प्रभावशीलता को भी उजागर किया है। तलाश अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया और जंगल में टीम का मार्ग प्रशस्त करने में मदद की। पुलिस ने बताया कि लापता व्यक्ति के सुरक्षित लौटने से परिवार और गांव में राहत की भावना फैल गई है। यह घटना यह दर्शाती है कि पुलिस डॉग्स की मदद से न केवल अपराधियों का पता लगाया जा सकता है, बल्कि लापता लोगों को समय पर ढूंढना भी संभव है। डॉग विमला की सूंघने और खोजने की क्षमता इस मिशन की सफलता का मुख्य आधार रही।

     

     

     

     

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