डोंगरगढ़।डोंगरगढ़ में विश्व प्रसिद्ध नवरात्रि मेले के समापन के अवसर पर स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की गई है। नौ दिनों तक झूलों का पूरा किराया चुकाने के बाद, अब मेले के आखिरी दिन शहरवासियों को आधे दाम पर झूला झूलने का शानदार ऑफर मिला है। नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे ने विशेष रूप से डोंगरगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए झूलों का किराया आधा करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के प्रचार के लिए सोशल मीडिया और शहर में पोस्टर भी साझा किए गए हैं, जिसके अनुसार अब बड़े झूलों का किराया मात्र 30 रुपये और छोटे झूलों का किराया 20 रुपये तय किया गया है। इस विशेष छूट का लाभ उठाने के लिए प्रशासन ने एक अनिवार्य शर्त रखी है, जिसके तहत झूला परिसर के टिकट काउंटर पर डोंगरगढ़ का निवासी होने का प्रमाण यानी अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।
इस फैसले के समय को लेकर शहर में कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं कि जब मेला लगभग खत्म होने की कगार पर है, तब इस राहत का ऐलान करने का क्या औचित्य है। हालांकि, जानकारों और प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि नवरात्रि के मुख्य नौ दिनों के दौरान डोंगरगढ़ में बाहरी श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की अत्यधिक भीड़ रहती है, जिसके कारण स्थानीय लोग भीड़भाड़ और महंगी टिकटों की वजह से मेले का आनंद नहीं ले पाते हैं। मेले के अंतिम दिन बाहरी भीड़ कम होने के बाद यह छूट देने से डोंगरगढ़ के मूल निवासियों को शांतिपूर्ण माहौल में और बेहद किफायती दामों पर मनोरंजन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, यह कदम मेले के अंतिम पड़ाव में झूला संचालकों को भी अतिरिक्त कमाई का मौका देगा और नगर पालिका प्रशासन की ओर से स्थानीय नागरिकों के लिए एक सकारात्मक समापन भेंट साबित होगा।






