डोंगरगांव( दीपक अवस्थी)। जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक गुरुवार को हंगामे का केंद्र बन गई। विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक की सूचना केवल एक घंटे पहले दी गई, जबकि विधायक प्रतिनिधि को बैठक में शामिल होने के लिए कोई पत्र ही नहीं भेजा गया। इस पर नाराज कांग्रेस के जनपद सदस्य पंचायत गेट पर धरने पर बैठ गए।
बैठक में जनपद सीईओ रोशनी भगत अनुपस्थित रहीं, जिससे विवाद और बढ़ गया। विपक्ष का कहना है कि सत्ता पक्ष ने जानबूझकर विधायक प्रतिनिधि को नजरअंदाज किया और कांग्रेस के सदस्यों को समय पर सूचना नहीं दी।
जनपद अध्यक्ष रंजिता पडौती (भाजपा) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मेरे द्वारा 18 सितंबर को ही इस विषय पर पत्र जारी कर दिया गया था। सभी को सूचना देना सीईओ और जनपद पंचायत कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। सीईओ ने जानकारी नहीं दी तो इस विषय में मैं कुछ नहीं कह सकती। वहीं सी ओ की अनुपस्थिति में बैठक हुई।
बैठक अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित की गई।”
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जनपद सीईओ रोशनी भगत की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें चर्चा में हैं। लगातार कई बार संपर्क करने और कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बावजूद वह अक्सर मुख्यालय में दिखाई नहीं देतीं। कुछ जनप्रतिनिधियों का कहना है कि महिला होने का फायदा उठती है।





