Thursday, February 5, 2026
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    डोंगरगांव : प्रधानमंत्री आवास की आड़ में 10 गुना रेत निकासी का खेल?

    • 60 मकानों के नाम पर 5400 घन मीटर खुदाई, दस्तावेजों से उठे गंभीर सवाल

    डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।प्रधानमंत्री आवास योजना, जो गरीबों को पक्का घर देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, उसी योजना की आड़ में रेत निकासी का बड़ा खेल होने की आशंका सामने आई है। ग्राम पंचायत बरगांव, विकासखंड डोंगरगांव से जुड़े दस्तावेजों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।

    150 आवास की सूची, लेकिन 90 पहले से पूर्ण

    खनिज विभाग से रेत उत्खनन की अनुमति लेने के लिए 150 प्रधानमंत्री आवास दर्शाए गए।

    दस्तावेजों के अनुसार इनमें से 90 मकान पहले से ही पूर्ण थे। शेष 60 मकानों के नाम पर रेत निकासी दिखाई गई।

    अनुमति पत्र से खुली परत

    प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत बरगांव द्वारा दिनांक 28 जनवरी 2026 को खनिज अधिकारी, राजनांदगांव को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास निर्माण एवं शासकीय कार्यों के लिए रेत निकासी की अनुमति मांगी गई थी।

    इसी आवेदन के साथ रेत परिवहन हेतु निम्नलिखित वाहन स्वामियों के नाम दर्ज किए गए— अमरचंद पिता सेवाराम यादव – CG 08 BC 4068, संतानदास पिता मंगलदास साहू – CG 08 4810, हेमलाल पिता देवसिंह – CG 08 AU 5299,विजय दास पिता बच्चूदास – CG 08 C 6653

    गणित में बड़ा अंतर

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तकनीकी मानकों के अनुसार एक मकान में औसतन 9 घन मीटर रेत की आवश्यकता होती है।

    यदि 60 मकानों का निर्माण होना था, तो कुल आवश्यक रेत होती—

    60 × 9 = 540 घन मीटर

    लेकिन दस्तावेजों में दर्शाई गई खुदाई है—

    5400 घन मीटर

    यानी आवश्यकता से लगभग 10 गुना अधिक

    यह अंतर ही पूरे मामले का सबसे बड़ा प्रश्न बनकर सामने आया है।

    संभावित राजस्व हानि?

    यदि अतिरिक्त 4860 घन मीटर रेत का उपयोग योजना में नहीं हुआ, तो यह न केवल योजना का दुरुपयोग है बल्कि शासन को संभावित राजस्व हानि का भी मामला बन सकता है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में सरपंच पति और संबंधित वाहन मालिकों की मिलीभगत से रेत का अवैध परिवहन किया गया।


    “योजना के अंतर्गत 247 स्क्वायर फीट (सामान्यतः 300 स्क्वायर फीट तक) का मकान स्वीकृत होता है और एक मकान में लगभग 9 घन मीटर रेत की आवश्यकता होती है।”

    – आंचल भास्कर 

    तकनीकी सहायक, प्रधानमंत्री आवास योजना,जनपद पंचायत डोंगरगांव


     

    “इस विषय पर जानकारी लेता हूं,ऐसा हो रहा होगा तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।”

    – कमल किशोर साहू, तहसीलदार, डोंगरगांव

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