Thursday, February 26, 2026
More

    डोंगरगांव: बेसहारा गौवंश से परेशान किसानों का गुस्सा फूटा, 30 पशु थाने पहुंचाए

    डोंगरगांव (दीपक अवस्थी): किसानों ने कार्रवाई की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

    गौवंश की समस्या से जूझ रहे किसानों का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आया। करीब 100 किसानों ने 30 से अधिक बेसहारा पशुओं को पकड़कर सीधे डोंगरगांव थाना में बांध दिया। उनकी मांग थी कि इन पशुओं के असली मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    पुलिस ने की जांच:

    जांच में पता चला कि 30 में से केवल दो पशुओं पर टैग लगे थे, जिनसे मालिकों की पहचान संभव थी। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि टैगधारी पशुओं के मालिकों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसानों ने कहा कि लगातार मवेशियों के कारण फसलें चौपट हो रही हैं, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे।

    विशेषज्ञों की राय:

    गोकुल सेवा समिति के अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने कहा कि पहले अन्नदाता इंसानों के लिए भोजन के साथ-साथ पशुओं का भी ध्यान रखते थे। लेकिन आधुनिक दौर में किसान केवल इंसानों पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे सबसे ज्यादा प्रताड़ित पशु बन रहे हैं। उनका कहना था कि गौवंश की समस्या लगातार बढ़ रही है और सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

    पंचायत की उदासीनता पर सवाल:

    गांवों में गौवंश की सुरक्षा के लिए हर पंचायत में गोठान (पशु निगरानी) की व्यवस्था है, लेकिन पंचायत और सरपंच की उदासीनता के कारण स्थिति विकट हो गई है। अब हर गांव के किसान थानों तक जाने और कार्रवाई करवाने की तैयारी कर रहे हैं।

    धरना और वार्ता:

    विवाद तब और बढ़ गया जब किसान रजत जयंती अवसर पर आने वाले सांसद को रोकने की तैयारी करने लगे। सड़क पर धरने की धमकी के बाद पुलिस ने तुरंत बातचीत शुरू की। छः घंटे की वार्ता के बाद मामला शांत हुआ और किसानों को आश्वासन दिया गया कि प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।

    किसानों की चेतावनी:

    किसानों ने साफ कहा कि जब तक बेसहारा गौवंश की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर पूर्व विधायक छन्नी साहू, वर्तमान विधायक भोलाराम साहू और भाजपा से कैलाश शर्मा व हिरेंद्र साहू भी पहुंचे और गौवंश को हेलेकोसा गोशाला में सुरक्षित भेजा।

    अधिकारियों की भूमिका:

    राजस्व विभाग ने पल्ला झाड़ा और पूरी जिम्मेदारी पुलिस पर डाल दी। छह घंटे तक पुलिस थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा लगातार किसानों को समझाते रहे। वहीं राजस्व विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं आया, भले ही जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    Hot Topics

    Related Articles

    error: Content is protected !!