डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर 11 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर डोंगरगांव में शासकीय कर्मचारियों ने 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। धरना प्रदर्शन के चलते नगर के अधिकांश शासकीय कार्यालयों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार सरकार से बातचीत और ज्ञापन के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा,
“हम अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार सरकार से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन हमारी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।”
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA) व महंगाई राहत (DR) देने, 2019 से लंबित DA एरियर्स को GPF खाते में समायोजित करने, पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, 8, 16, 24 व 32 वर्ष में समयमान वेतनमान लागू करने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
धरना प्रदर्शन के कारण आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





