- बिजली कंपनी की लापरवाही, नगर पंचायत का फायर ब्रिगेड बना सफेद हाथी
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।किल्लापारा डोंगरगांव निवासी अंबिका शर्मा एवं राजेन्द्र शर्मा के घर में 5 जनवरी की रात्रि करीब 2 बजे अचानक बिजली शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा रुपया-पैसा, अनाज, राशन, नगद 40–50 हजार रुपये, पंखा, कूलर सहित दैनिक उपयोग का समूचा सामान जलकर खाक हो गया। इस हादसे में पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।

घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद सीएसपीडीसीएल (बिजली कंपनी ) के कर्मचारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। आरोप है कि कर्मचारी सोते रहे, जिससे आग और विकराल होती चली गई। बाद में नगर पंचायत उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता एवं पार्षद सिद्दीक बडगूजर की कड़ी समझाइश के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लाइन काटी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली समय रहते बंद कर दी जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।
इधर आग बुझाने के मामले में भी नगर पंचायत की तैयारियों की पोल खुल गई। नगर पंचायत में मौजूद फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर किसी काम नहीं आ सका और सफेद हाथी साबित हुआ। हालात को देखते हुए मजबूरन राजनांदगांव नगर निगम के फायर ब्रिगेड तथा ए.बी.स. कंपनी के फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका।
घटना के बाद क्षेत्र में बिजली विभाग और नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर तीव्र आक्रोश है। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जब नगर पंचायत में फायर ब्रिगेड उपलब्ध है तो आपात स्थिति में वह निष्क्रिय क्यों रहा। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मुआवज़ा एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।





