धमतरी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून द्वारा वर्ष 2025-26 बैच के 133 भारतीय वन सेवा (IFS) प्रशिक्षु अधिकारियों का छत्तीसगढ़ राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत “Soil & Water Conservation Measures and Watershed Management Exercise” विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम धमतरी वनमंडल के विभिन्न वन क्षेत्रों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 8 से 15 मार्च 2026 तक प्रस्तावित था, जिसके अंतर्गत अधिकारियों ने धमतरी के वन क्षेत्रों में चार दिवसीय फील्ड अध्ययन किया। प्रशिक्षण के दौरान 9 मार्च 2026 को दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पारनाला में तथा 11 और 12 मार्च को दुगली परिक्षेत्र के कांसानाला, लकलकीनाला, कुसुमपानी नाला और साजापानी नाला में भू-जल संरक्षण एवं वाटरशेड प्रबंधन से संबंधित कार्यों का फील्ड प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान अधिकारियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन और मृदा संरक्षण के विभिन्न उपायों की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। Also Read – पुलिस कमिश्नरी सिस्टम से मजबूत होगी कानून व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था: राहुल देव शर्मा प्रशिक्षण के अंतिम दिन 14 मार्च 2026 को नगरी उत्पादन परिक्षेत्र के कूप एस.सी.आई. भैसामुड़ा एवं मटियाबाहरा तथा बिरगुड़ी उत्पादन परिक्षेत्र के कूप एस.सी.आई. नेगीनाला में कूप विदोहन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों का चिह्नांकन, कूप का सीमांकन, मार्किंग तथा पातन (कटाई) की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि कटाई के दौरान अन्य वृक्षों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए इमारती लकड़ी, लट्ठा और बल्ली कैसे तैयार की जाती है, जिसे ‘लगुण’ कहा जाता है। इस वैज्ञानिक पद्धति से प्राप्त इमारती काष्ठ का ई-ऑक्शन के माध्यम से विक्रय किया जाता है, जिससे शासन को राजस्व प्राप्त होता है। प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षु अधिकारियों ने वन धन विकास केंद्र दुगली का भी अवलोकन किया।





