Wednesday, February 25, 2026
More

    धान टोकन विवाद: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों की समस्याएं सुनी

    कवर्धा। लोहारा ब्लॉक के सैकड़ों किसान आज तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए। उनका आरोप था कि धान बेचने के लिए टोकन नहीं कटे और उपार्जन केंद्रों में भारी अव्यवस्था है। किसानों की भीड़ और आक्रोश को देखकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए काफिला रोकवाया और जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि धान खरीदी की प्रक्रिया में टोकन कटने में देरी और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने लोहारा ब्लॉक के दो पटवारियों पर दुर्व्यवहार और कार्य में लापरवाही का आरोप भी लगाया।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुरुवा में पदस्थ हल्का नंबर 15 के पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने डिप्टी सीएम के आदेश का पालन करते हुए निलंबन आदेश वहीं जारी किया और इसकी कॉपी किसानों को दिखाई। इस कार्रवाई के बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। उपमुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि धान बेचने में किसी किसान को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और प्रशासन समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने उपमुख्यमंत्री के त्वरित और संवेदनशील निर्णय की सराहना की।  उनका कहना था कि डिप्टी सीएम का यह कदम किसानों के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतत निगरानी रखने, शिकायतों का त्वरित समाधान करने और धान खरीदी केंद्रों में नियम और प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान डिप्टी सीएम ने किसानों से संवाद करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि कोई भी किसान अपने धान की उचित बिक्री में परेशानी का सामना नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। किसानों और अधिकारियों के बीच यह संवाद एक सकारात्मक उदाहरण बन गया। उपमुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप और पटवारी के निलंबन से यह संदेश गया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय है। इस घटना ने जिले में धान खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व को भी उजागर किया।

     

    Hot Topics

    Related Articles

    error: Content is protected !!