- नहीं हुई कोई अपराधिक घटना, महिलाएं खुद को की सुरक्षित महसूस
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।डोंगरगांव में आयोजित पारंपरिक मंडई इस वर्ष शांति, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए चर्चा में रही। बीते पांच वर्षों में जहां मंडई के दौरान विवाद, झड़प या छोटे-मोटे अपराध की घटनाएं सामने आती रही थीं, वहीं इस बार पुलिस की सख्ती और सजगता के चलते मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
मंडई के दौरान थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगांवकर स्वयं पूरे समय मैदान में डटे रहे। उन्होंने मेला स्थल का लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की और लोगों से सीधे संवाद कर शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियातन कई युवकों के हाथों में पहने कड़े उतरवाए गए, ताकि किसी संभावित विवाद या हाथापाई की स्थिति में उनका दुरुपयोग न हो सके। आयोजन समाप्त होने के बाद सभी को उनके कड़े सम्मानपूर्वक वापस कर दिए गए। पुलिस की इस पहल को लोगों ने भी सहयोग के साथ स्वीकार किया।

मंडई के दौरान नगर के प्रमुख चौक-चौराहों, प्रवेश द्वारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती रही। सादे कपड़ों में जवानों को भी लगाया गया, ताकि पॉकेटमार और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। कुछ स्थानों पर हुड़दंग की कोशिश करने वाले युवकों को तत्काल हिरासत में लेकर समझाइश दी गई, जिससे स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस बार मंडई में किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दो दिन चली मंडई, बाजार में रही रौनक
दो दिनों तक चली मंडई में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित नगर से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने, कपड़े, कृषि उपकरण, लोहे-लकड़ी का सामान और खानपान की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। झूले और मनोरंजन के साधनों पर बच्चों की भीड़ नजर आई।
व्यापारियों ने बताया कि इस बार बिक्री अच्छी रही और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने से लोगों ने परिवार सहित देर रात तक मेले का आनंद लिया। आम नागरिकों ने भी शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना की।
इस वर्ष की मंडई ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, बल्कि शांति और अनुशासन का एक सकारात्मक संदेश भी दिया।



