- आषाढ़ शुक्ल नवमी पर दीवान परिवार ने निभाई वर्षों पुरानी परंपरा, सौरभ राज सिंह दीवान ने ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाते हुए रथ मार्ग पर लगाया झाड़ू, 20 गांवों से पहुंचे श्रद्धालु
(राजकुमार अग्रवाल )भुरकोनी। आषाढ़ शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर बुधवार को ग्राम भुरकोनी में दीवान परिवार द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा पूरे श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। सरिता राज सिंह दीवान के निवास से प्रारंभ हुई इस रथ यात्रा में आसपास के लगभग 20 गांवों से श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरे गांव में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। आयोजन में करीब एक हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की विशेष पूजा-अर्चना के बाद रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया।
पुरी की परंपरा के अनुसार निभाई ‘छेरा पहरा’ की रस्म
रथ यात्रा प्रारंभ होने से पहले दीवान परिवार के सौरभ राज सिंह दीवान ने पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा की परंपरा का निर्वहन करते हुए रथ के मार्ग पर झाड़ू लगाकर ‘छेरा पहरा’ की रस्म निभाई। इसके बाद विधि-विधान से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर रथ यात्रा को रवाना किया गया।
जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा पूरा क्षेत्र
फूलों, रंग-बिरंगी पताकाओं और आकर्षक सजावट से सुसज्जित रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा विराजमान थे। “जय जगन्नाथ”, “जय बलभद्र” और “जय सुभद्रा” के जयघोषों के बीच रथ गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकला। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और प्रसाद वितरित किया। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों ने श्रद्धापूर्वक रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
20 गांवों से उमड़े श्रद्धालु, करीब एक हजार की रही भीड़
रथ यात्रा में भुरकोनी सहित आसपास के लगभग 20 गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति में सराबोर दिखाई दिया।
श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ आयोजन
रथ यात्रा के सफल आयोजन में दीवान परिवार एवं ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। अंत में महाआरती, महाप्रसाद वितरण तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।






