ट्रिपल सवारी, मुखौटा और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर अभियान का असर
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)। होली के दौरान इस बार पुलिस की सख्ती का असर साफ नजर आया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार छुटपुट दुर्घटनाओं और विवाद के मामलों में बड़ी कमी दर्ज की गई है।
डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आंकड़ों के अनुसार 4 मार्च से 5 मार्च रात 9 बजे तक कुल 16 मामले ही अस्पताल पहुंचे। इनमें सड़क दुर्घटना, मामूली विवाद में चोटिल होने और शराब पीकर वाहन चलाने से जुड़े प्रकरण शामिल हैं।
वहीं पिछले वर्ष होली के दौरान ऐसे मामलों की संख्या 46 तक पहुंच गई थी। इस तरह इस बार मामलों में करीब दो-तिहाई की कमी दर्ज की गई है।
10 दिन पहले ही बना लिया था बेहतर माहौल का रूट मैप
होली को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने करीब 10 दिन पहले ही रणनीति तैयार कर ली थी। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। चौक-चौराहों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए गए और ट्रिपल सवारी, मुखौटा पहनकर वाहन चलाने तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया।
लगातार मैदान में रहा पुलिस अमला
होली के दौरान पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय रहा। एसडीओपी मंजू लता बाज स्वयं होली के दिन क्षेत्र में मौजूद रहीं और व्यवस्थाओं की निगरानी करती रहीं।
थाना प्रभारी आशीर्वाद रहटगंवाकर ने शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी लगातार पेट्रोलिंग की। ड्यूटी चार्ट का मिनट-टू-मिनट पालन कराया गया, जिससे पुलिस की मौजूदगी हर प्रमुख स्थान पर बनी रही।
रात भर लगातार गश्त करती रही पुलिस
होली के दिन और रात भर पुलिस की टीमें लगातार सड़कों पर गश्त करती रहीं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्र और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक पुलिस वाहन सड़कों पर घूमते रहे, जिससे हुड़दंग और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बना रहा।
ये रहे प्रमुख कारण
- होली से पहले गुंडा-बदमाशों पर सख्त निगरानी
- ट्रिपल सवारी और मुखौटा पहनकर वाहन चलाने वालों पर अभियान
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
- शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती
- छह पुलिस वाहनों से लगातार गश्त





