धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक तेंदुआ मुर्गियों के लालच में पोल्ट्री फार्म में घुस गया। यह घटना शहर से लगे ग्राम मोहलाई में हुई, जहां तेंदुआ लगभग तीन घंटे तक फार्म के भीतर रहा। इस दौरान फार्म में पली गई सैकड़ों मुर्गियों में भगदड़ मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, 26 नवंबर की रात लगभग 9 बजे तेंदुआ मोहलाई स्थित पोल्ट्री फार्म के एक केज में घुसा। फार्म के कर्मचारियों ने तेंदुए को देखते ही तुरंत मदद के लिए ग्रामीणों और वन विभाग को सूचना दी। तेंदुआ फार्म के भीतर कई मुर्गियों को मार डाला और अन्य मुर्गियां डर से इधर-उधर भागती रहीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों ने फार्म के आसपास सुरक्षा बनाए रखी और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई। ग्रामीणों ने भी मदद के लिए फार्म के आस-पास चौकसी रखी, ताकि तेंदुआ किसी और जानवर या इंसान को नुकसान न पहुंचा सके। लगभग तीन घंटे की मशक्कत और सावधानीपूर्वक प्रयास के बाद, फार्म का दरवाजा खोलने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने मौके पर जांच करते हुए कहा कि तेंदुए का इस तरह पोल्ट्री फार्म में प्रवेश करना उसकी भोजन की तलाश और आसपास के जंगलों में शिकार की कमी के कारण हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं और पोल्ट्री फार्मों के आसपास सुरक्षा उपाय बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से धमतरी और आसपास के वनांचल क्षेत्रों में वन्य प्राणियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। तेंदुए के अलावा, अन्य जंगली जानवरों के आने की भी खबरें मिली हैं। यह घटना पोल्ट्री व्यवसायियों के लिए चुनौती बन गई है, क्योंकि इस प्रकार के हमले उनके मुर्गियों और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। वन विभाग ने आश्वासन दिया कि तेंदुए को परेशान नहीं किया जाएगा और उसका जीवन सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही, फार्म के मालिक को भी तेंदुआ प्रवेश को रोकने के लिए उचित उपाय करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि फार्मों के चारों ओर मजबूत जाल और सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों से बचा जा सके। घटना ने ग्रामीणों में वन्य प्राणियों के प्रति जागरूकता भी बढ़ा दी है। ग्रामीण अब अपने फार्मों और घरों के आसपास सतर्क रहते हैं। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि किसी तेंदुआ या अन्य जंगली जानवर को देखा जाए, तो तत्काल अधिकारियों को सूचित किया जाए और सीधे संपर्क करने से बचा जाए। इस घटना से स्पष्ट होता है कि वन्य जीवन और मानव बस्तियों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है। सुरक्षा उपायों और जागरूकता से भविष्य में तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों के हमलों को रोका जा सकता है और मानव तथा पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।





