बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक सांस घोंट देने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाले 30 वर्षीय युवक गौरव सवन्नी ने अपनी गर्लफ्रेंड से प्रेम में धोखा मिलने और मानसिक तनाव के कारण रेलवे ट्रैक के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। गौरव ने अपने परिवार को एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से अपने कदम का कारण बताया। मिली जानकारी के अनुसार, गौरव सवन्नी अग्रसेन चौक स्थित साकेत अपार्टमेंट में रहते थे। घटना से कुछ दिन पहले ही वह जेल से रिहा हुए थे। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि जिस लड़की से उन्होंने प्यार किया, उसी ने उन्हें रेप केस में फंसा दिया। शनिवार शाम को गौरव ने काले रंग की शर्ट और पैंट पहनकर घर से बाहर निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। उनके लापता होने की जानकारी मिलने पर परिजन चिंतित हो गए। गौरव के पिता अशोक सवन्नी ने बताया कि उनका बेटा नोएडा गया था। वहां से लौटने के बाद से वह लगातार मानसिक तनाव और डिप्रेशन में था। परिजनों को सुसाइड नोट मिलने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों और परिवार के अन्य सदस्यों को घटना की जानकारी दी, लेकिन गौरव का कोई पता नहीं चला। रात 12 बजे के करीब अल्का एवेन्यू के पास रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला। शव की स्थिति इतनी गंभीर थी कि सिर और धड़ अलग-अलग पाए गए। प्रेम प्रसंग और जेल जाने की पृष्ठभूमि गौरव के पिता ने बताया कि नोएडा में रहने के दौरान गौरव की मुलाकात ऑनलाइन डेटिंग साइट्स जैसे शादी डॉट कॉम के जरिए एक युवती से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बिगड़ गई। युवती ने गौरव पर रेप का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया, जिसके बाद नोएडा पुलिस ने गौरव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब 15 दिन पहले ही गौरव जमानत पर रिहा हुए थे। रिहाई के बाद भी गौरव मानसिक रूप से परेशान थे। परिवार की ओर से लगातार समझाइश और सहयोग के बावजूद वह जेल जाने और प्रेम में धोखा मिलने की बात भूल नहीं पा रहे थे। इस मानसिक दबाव में उन्होंने अंतिम कदम उठाया। Also Read – छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ओपन काउंसलिंग से शिक्षकों की पदोन्नति और नियुक्ति कार्य सम्पन्न सुसाइड नोट और परिवार की प्रतिक्रिया सुसाइड नोट में गौरव ने साफ लिखा कि प्रेम में धोखा और झूठे आरोपों के कारण वह आगे जीवन नहीं जी सकता। उनके इस कदम ने परिवार में शोक और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए। गौरव के पिता ने मीडिया से कहा कि वह अब भी बेटे के अचानक चले जाने की सच्चाई और मानसिक दर्द से उबर नहीं पा रहे हैं। परिजन ने यह भी बताया कि गौरव हमेशा परिजनों का मान रखते थे और उन्हें विश्वास था कि परिवार उनके साथ है, लेकिन मानसिक तनाव के कारण वह अपनी पीड़ा को साझा नहीं कर पाए।





