(गजेंद्र साहू) ।अमूमन हर किसी को अपना सबसे ख़ूबसूरत दिन ‘जन्मदिन’ लगता है और वही दिन यदि सबसे ख़ौफ़नाक दिन हो जाए तो? हाँ !! एक शॉर्ट फ़िल्म जिसने लोगों और समीक्षकों पर एक भाव छोड़ा, एक संदेश जो केवल समाज के लिए था, उस समाज के लिए जिसके पास संदेश तो क्या साँस लेने तक का समय नहीं है।
‘Happy Birthday’ एक ऐसी शॉर्ट फिल्म है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीते हैं। क्या ख़ास है फ़िल्म में यह तो फ़िल्म देखकर आप स्वयं ही समझ जाएँगे। यह कहना गलत नहीं है कि इस ‘Happy Birthday’ में केक भी कटा है और सबमें बराबर बटा है, यह देखना दिलचस्प है कि आप अपना हिस्सा ले पातें हैं या नहीं।ऋषिराज पांडे जी जिन्हें लोग एक सिंगर के रूप में जानते हैं वह अपने प्रशंसकों को चकमा देते हुए एक निर्देशक और मंझे हुए अभिनेता के रूप में नज़र आते हैं। उनका अभिनय देखकर आपको यह एहसास नहीं होगा कि वे पर्दे पर पहली बात अभिनय कर रहे हैं। आकाश जी जो स्वयं एक बेहतरीन अभिनेता हैं उनका शानदार अभिनय देखने को मिला। दर्शकों को बाँधे रखने वाले जो गुण एक कलाकार में होना चाहिए उन्होंने सभी गुणों का परिचय कम समय में दे दिया है। अभिनेत्री भले छत्तीसगढ़ के पर्दे पर पहली बार आई पर उन्होंने इस बात का ध्यान रखने कि पूरी कोशिश की है कि वह दर्शकों को पुरानी और अपनी सी लगे। कैमरे के पीछे एक नाम जिनका जिक्र होना बहुत जरूरी है वह है पायल विशाल जी। जिन्होंने बतौर डबिंग डायरेक्टर अपना डेब्यू किया है और वे इसमें कामयाब भी रही हैं। वे चाहती तो शायद अभिनेत्री की आवाज़ स्वयं डब कर अपना काम आसान कर सकती थी पर उन्होंने स्वयं को चैलेंज कर दूसरी भाषा की अभिनेत्री से ज़बरदस्त छत्तीसगढ़ी भाषा की डबिंग करा दी। पता ही नहीं चला कि वह अभिनेत्री छत्तीसगढ़ी भाषा बोलने से अनभिज्ञ भी थी।
कहानी एक थ्रिलर होकर भी भयानक नहीं है। एक किलर है पर वह साइको नहीं है। बस इतना समझ लीजिए कि कहानी अपने अंत में आपको अपना बनाकर छोड़ेगी। जिस किरदार से आप डर रहे थे अचानक उससे हमदर्दी होने लगेगी। जब आप फ़िल्म खत्म कर चुके होंगे तब तक आप एक ‘शिक्षा’ ले चुके होंगे, पर मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप भविष्य में उसका पालन नहीं करेंगे। क्यूंकि यह मानव समाज की एक कड़वी सच्चाई है जिसे हम स्वीकारना नहीं चाहते।





