जशपुर।छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और सनातन धर्मग्रंथों के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। कुनकुरी थाना पुलिस ने ब्लॉक बगीचा के कूदमुरा माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ 52 वर्षीय सरकारी शिक्षक हेमंत कुमार बेदी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए विवादित दावे किए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें स्थानीय न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
विवाद की वजह: फेसबुक पर लिखा- ‘रावण नहीं, इन्हें जलाया जाए’
शिक्षक हेमंत कुमार बेदी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक विवादित पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने दशहरा और रावण दहन का संदर्भ देते हुए लिखा था कि “रावण को नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों को जलाया जाना चाहिए”। इसके साथ ही उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं और पवित्र धर्मग्रंथों को लेकर भी कई आपत्तिजनक टिप्पणियां और दावे किए थे। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
विहिप की शिकायत और पुलिस को देखकर भागने का प्रयास
फेसबुक पर इस आपत्तिजनक पोस्ट को देखने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह ने जशपुरनगर के कुनकुरी थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षक के इस कृत्य से पूरे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुई हैं और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास किया गया है। कुनकुरी थाना प्रभारी भूपेंद्र चंद्रा के नेतृत्व में जब पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने के लिए कांसाबेल के ग्राम पतराटोली स्थित आश्रित ग्राम बिहावल पहुंची, तो पुलिस की गाड़ी देखकर आरोपी शिक्षक हेमंत बेदी मौके से भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
कानूनी धाराएं और डिजिटल साक्ष्य जब्त
कुनकुरी पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
• BNS की धारा 199: यह धारा किसी लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी) द्वारा कानून के निर्देशों की अवज्ञा करने या अपने दायित्वों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में लगाई जाती है।
• BNS की धारा 299: यह धारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उनके धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के कृत्य को दंडित करती है।
साक्ष्य के रूप में पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त कर लिया है, जिसका उपयोग फेसबुक पर इस भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट को साझा करने के लिए किया गया था। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे सीधे जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है।






