एक माह से लीकेज, 22.61 लाख की क्षतिपूर्ति पर खींचतान बहस के बाद मरम्मत शुरू, पीडब्ल्यूडी ने दी सख्त चेतावनी
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।डोंगरगांव नगर क्षेत्र के फोरलेन मुख्य मार्ग पर पिछले एक माह से लगातार पानी बह रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। मामला नगर पंचायत और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के बीच विवाद का बन गया है।
नगर पंचायत ने 30 मई 2025 को पत्र जारी कर आरोप लगाया था कि सड़क निर्माण के दौरान उसकी पेयजल पाइपलाइन और अन्य संपत्तियों को क्षति पहुंची है। इसके एवज में ₹22 लाख 61 हजार की क्षतिपूर्ति राशि की मांग की गई थी।
इस पर लोक निर्माण विभाग ने 15 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी करते हुए नगर पंचायत को सूचित किया कि बाहुबली हार्डवेयर के सामने फोरलेन मार्ग के नीचे से गुजर रही पाइपलाइन में लीकेज है, जिसकी मरम्मत की अनुमति दी जाती है — लेकिन कड़ी शर्तों के साथ।
पीडब्ल्यूडी ने चेतावनी दी कि मरम्मत कार्य के दौरान सड़क की खुदाई न्यूनतम दायरे में की जाए, खुदाई स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रहें, और कार्य पूर्ण होने पर सड़क को एम-20 ग्रेड कंक्रीट से पूरी तरह कम्पेक्ट कर पूर्व स्थिति में लाया जाए। अन्यथा सड़क की क्षति और भविष्य में उत्पन्न किसी भी समस्या की जिम्मेदारी नगर पंचायत की होगी।
इसके बावजूद नगर पंचायत ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की। स्थिति यह रही कि जिस मुख्य मार्ग से 15 पार्षद और स्वयं नगर पंचायत अध्यक्ष रोजाना गुजरते हैं, उसी मार्ग पर पानी बहता रहा और सड़क की सतह खराब होती गई।
आखिरकार बुधवार को पीडब्ल्यूडी और नगर पंचायत के अधिकारियों के बीच बहस के बाद पाइपलाइन की खुदाई और मरम्मत कार्य प्रारंभ किया गया। हालांकि मरम्मत के बाद सड़क की डामरीकृत सतह की मरम्मत अभी भी अधूरी है।
नगर पंचायत जहां पीडब्ल्यूडी से ₹22.61 लाख की क्षतिपूर्ति की मांग पर अड़ी हुई है, वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि पहले नगर पंचायत को खुदाई स्थल की मरम्मत सुनिश्चित करनी होगी, तभी क्षति का आकलन वास्तविक रूप से किया जा सकेगा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दोनों विभागों की खींचतान का खामियाजा जनता भुगत रही है — एक ओर पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, तो दूसरी ओर पानी के लीकेज से हैजा जैसी बीमारी का खतरा मंडरा रहा है वहीं सड़क पर बहता पानी वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है।





