Friday, February 27, 2026
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    बंदर भगाने के विवाद से भड़की हिंसा, महिलाओं पर धारदार हथियार से हमला, आरोपी पप्पू वर्मा फरार

    दुर्ग। जिले के धमधा थाना क्षेत्र के घोटवानी गांव में रविवार को उस समय दहशत का माहौल बन गया जब मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि गांव में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। घटना में कई महिलाओं को चाकू से गंभीर रूप से घायल किया गया है। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी पप्पू वर्मा सहित कई हमलावर अभी फरार हैं।  विवाद की जड़ – बंदर भगाने को लेकर कहासुनी मामला बेहद मामूली विवाद से शुरू हुआ। घोटवानी गांव की रहने वाली दो महिलाएं हेमलता वर्मा और धान बाई पड़ोसी हैं। 23 अगस्त को दोनों के बीच बंदर भगाने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज में बदल गया। धान बाई ने विवाद की जानकारी अपने बेटे पप्पू वर्मा को दी, जो रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रहता है। धान बाई की शिकायत सुनकर पप्पू ने गांव आकर हिसाब चुकता करने की ठानी।  स्कॉर्पियो में नकाबपोश हमलावरों का गांव पर धावा इसके बाद रविवार को पप्पू वर्मा अपने कुछ दोस्तों और परिचितों के साथ स्कॉर्पियो और दूसरी कार में सवार होकर घोटवानी गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि कार में हूटर भी लगा हुआ था, जिसे बजाते हुए वे गांव में दाखिल हुए। उनके साथ दर्जनों नकाबपोश युवक भी थे। गांव में घुसते ही पप्पू और उसके साथियों ने सीधा हेमलता वर्मा के घर को निशाना बनाया। उन्होंने घर में घुसकर हेमलता और उनके परिवारजनों के साथ मारपीट की, उनके कपड़े फाड़ दिए और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। महिलाओं को चाकू से बुरी तरह घायल कर दिया गया। अचानक हुए इस हमले से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। गांव में दहशत और आक्रोश इस हमले की खबर फैलते ही गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। हालांकि, हमले के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भी फूट पड़ा। गांव वालों ने हमलावरों का विरोध किया और स्थिति और बिगड़ने लगी। गांव में माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि तुरंत धमधा पुलिस, एसडीओपी और भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस बल की मौजूदगी के बाद ही स्थिति पर काबू पाया जा सका।  चार आरोपी गिरफ्तार, कई अब भी फरार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पप्पू वर्मा, संगम मेश्राम (गुढ़ियारी निवासी), राकेश वर्मा और प्रभात चंदेल (पचरीकला, बेमेतरा निवासी) शामिल हैं। वहीं, मुख्य आरोपी पप्पू वर्मा और उसके अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पप्पू वर्मा का आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों से उठना-बैठना है। उसका अपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को शक है कि इसी वजह से उसने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। घोटवानी में तनाव, पुलिस की सख्ती हमले के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पप्पू वर्मा और उसके साथियों ने गांव में आकर जिस तरह से उत्पात मचाया, उससे पूरे गांव में डर का माहौल है। कई महिलाएं और लोग अभी भी दहशत में हैं। पुलिस ने गांव में सख्ती बरतते हुए गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है। सीएसपी ने दी जानकारी भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन से चार आरोपी फरार हैं। मुख्य आरोपी पप्पू वर्मा भी फरार है, लेकिन जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

     

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