बलौदाबाजार–भाटापारा मुख्य मार्ग पर अर्जुनी के मिरगी मोड़ के पास सड़क धंस गई है। सड़क की हालत खराब है। राहगीरों के लिए यह मुसीबत बन गई है। जान का खतरा भी बढ़ गया है। यहां आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

मिरगी मोड़ के पास वाहन चालकों को हर पल संभलकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए जगह ज्यादा जोखिम भरी है। अचानक गड्ढे सामने आ जाते हैं। धंसी सड़क से वाहन का संतुलन बिगड़ने का डर रहता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि इस मार्ग से रोज बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क की हालत देखकर लगता है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
बलौदाबाजार–भाटापारा मुख्य मार्ग इलाके के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, जरूरी काम के लिए रोज हजारों लोग इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क की खराब हालत का असर सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है। दिन में चालक किसी तरह सड़क देखकर वाहन निकाल लेते हैं। रात में खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पर्याप्त संकेतक नहीं हैं। चेतावनी की व्यवस्था नहीं है। अचानक धंसी सड़क सामने आने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि छोटी-मोटी मरम्मत से समाधान नहीं होगा। औपचारिक खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। सड़क धंसने के असली कारणों की जांच जरूरी है। स्थायी मरम्मत हो। मजबूत सड़क का निर्माण हो। मिरगी मोड़ की बदहाल सड़क को लोग निर्माण एजेंसी की लापरवाही मान रहे हैं। सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्य मार्ग की सड़क लगातार खराब हो रही है। दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल निरीक्षण की मांग की है। धंसे हिस्से की तकनीकी जांच की मांग की है। स्थायी मरम्मत की मांग की है। दुर्घटना रोकने के लिए संकेतक लगाने की मांग की है।








