सेमरिया घाट में किसानों से की चर्चा, फसल नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने और अधूरी नहर का निर्माण पूरा करने की मांग
भाटापारा। पूर्व मंडी अध्यक्ष एवं प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि सुशील शर्मा ने असम प्रदेश के दौरे से लौटने के बाद अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाटापारा ब्लॉक के ग्राम सेमरिया घाट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना। महामाया मंदिर परिसर में आयोजित चर्चा के दौरान किसानों ने गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण धान की फसल को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए शासन से तत्काल मुआवजा प्रदान करने की मांग की।
किसानों ने बताया कि गांव में लगभग 250 एकड़ कृषि भूमि की धान की फसल पानी भरने से प्रभावित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जिन किसानों की धान की फसल आंशिक रूप से सुरक्षित है, उन्हें शेष उपज सहकारी समितियों में बेचने की अनुमति देने के लिए शासन स्पष्ट आदेश जारी करे।
किसानों ने चिंता जताई कि मुआवजे की मांग करने पर कहीं उनकी बची हुई धान की फसल को सोसायटी में खरीदने से मना न कर दिया जाए। इस आशंका के चलते कई किसान फसल क्षति का मुआवजा मांगने से भी हिचकिचा रहे हैं। किसानों ने शासन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर राहत प्रदान करने की मांग की।
अधूरी नहर का निर्माण शीघ्र पूरा करने की मांग
सुशील शर्मा ने शासन के उच्च अधिकारियों से ग्राम सेमरिया घाट में अधूरी पड़ी माइनर नहर का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि नहर को खेतों के बीच तक बनाकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि में अत्यधिक पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचता है। नहर का विस्तार नदी तक किया जाए, ताकि खेतों में अनावश्यक पानी भरने की समस्या दूर हो और अतिरिक्त पानी नहर के माध्यम से नदी में पहुंच सके।
शिवनाथ नदी के कटाव पर रोक लगाने की मांग
शर्मा ने कहा कि शिवनाथ नदी में तेज बहाव के कारण प्रतिवर्ष मिट्टी का कटाव बढ़ता जा रहा है। जल संसाधन विभाग को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देते हुए नदी के किनारों को सुरक्षित करने के लिए सीमेंट-कंक्रीट की दीवार बनाने तथा पिचिंग कार्य कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इससे कृषि भूमि और आसपास के क्षेत्र को कटाव से बचाने में मदद मिलेगी।
सेमरिया घाट को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग
सुशील शर्मा ने सेमरिया घाट के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए इसे पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह स्थान धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है। मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यहां राम-जानकी मंदिर, शिव-पार्वती मंदिर सहित अनेक प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जहां श्रद्धालु प्रतिवर्ष दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उन्होंने शासन से इस ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल के संरक्षण, विकास और पर्यटन की दृष्टि से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
किसानों के हित में संघर्ष का दिया भरोसा

किसानों से लगभग दो घंटे तक चर्चा करते हुए सुशील शर्मा ने अपने 15 माह के मंडी अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान किए गए किसान हितैषी कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर शासन के समक्ष अपनी मांगें रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए तथा किसानों की शेष उपज को सहकारी समितियों में बेचने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि यदि शासन उनकी न्यायोचित मांगों को तत्काल पूरा नहीं करता है, तो किसानों के हित में सभी मिलकर सड़क की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें।
ग्रामीणों ने किया स्वागत
सुशील शर्मा के ग्राम सेमरिया घाट पहुंचने पर रघुनाथ निषाद, दादू डहरिया, शालिकराम निषाद, जागरु निषाद, कुमारदास मानिकपुरी, मणिराम निषाद, विश्वनाथ निषाद और श्याम रतन निषाद सहित अनेक किसानों ने पुष्पमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके समाधान के लिए सहयोग की अपेक्षा जताई।






