नगर पंचायत ने बिजली कंपनी को लिखा पत्र
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।प्रदेश में लगातार बढ़ते और गड़बड़ियों वाले बिजली बिलों ने जहां आम जनता को परेशान कर रखा है, वहीं अब सरकारी निकाय भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। नगर पंचायत डोंगरगांव ने स्वयं करीब 3 करोड़ रुपये के बकाया बिल पर सवाल उठाते हुए बिजली कंपनी पर रीडिंग में हेरफेर और निर्धारित भार गलत दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है।
नगर पंचायत द्वारा पिछले छह महीनों के बिलों का अध्ययन किया गया, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। कई मोटर पंप, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन और अन्य कनेक्शनों की जांच में पाया गया कि अलग-अलग स्थानों पर बिलिंग में भारी अंतर है।
नगर पंचायत का कहना है कि एक ही कनेक्शन में करीब 25,000 यूनिट का अंतर सामने आया, जबकि कई अन्य स्थानों पर भी बड़ी मात्रा में यूनिट का डिफरेंस दर्ज किया गया है।
इसी आधार पर नगर पंचायत ने 8 दिसंबर 2025 को कार्यपालन अभियंता, सी एस पी डी सी एल राजनांदगांव को पत्र जारी कर रीडिंग और निर्धारित भार में तत्काल सुधार की मांग की है। पत्र में स्पष्ट लिखा गया है—
“अधिक भार दर्ज होने से निकाय को अतिरिक्त देयकों का भुगतान करना पड़ रहा है, अतः संलग्न सूची के अनुसार नियत भार में कमी करने की कृपा करें, ताकि देयक भुगतान में राहत मिल सके।”
विनम्र जेमा, सी एम ओ नगर पंचायत डोंगरगांव ने बताया कि
“कई अलग-अलग मोटर पंप, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन समेत सभी जगहों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन में कई स्थानों पर बिजली बिल में भारी अंतर पाया गया है। एक ही कनेक्शन में 25,000 यूनिट का डिफरेंस था और अन्य जगहों पर भी काफी यूनिट का अंतर दर्ज हुआ है। इस विषय में बिजली कंपनी को पत्र जारी किया गया है।”
बिजली कंपनी का पक्ष
बीरबल कुमार उइके, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सी एस पी डी सी एल डोंगरगांव, ने बताया—
“स्मार्ट मीटर बदलने के दौरान दूसरे जगह की रीडिंग गलती से अलग स्थान पर दर्ज हो गई थी, जिसके कारण लगभग 35 हजार यूनिट का बिल अधिक आया था। इसे सुधार दिया गया है।”





