नई दिल्ली।शिक्षा क्षेत्र में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। महाराष्ट्र शासन सरकार के माध्यम से 2025-26 श्रेणी स्तर से 4 वर्ष बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स को बंद किए जाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।इसकी जगह एंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में नये आईटीईपी को लागू कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के नए दिशा निर्देशों के तहत आईटीईपी को एक परिषद के नए निर्देशों के तहत आईटीईपी को प्रमुख शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया जाने वाला है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पूरी तरह से अनुभव है। इसमें शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने हेतु 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम को यहां पर पूरी तरह से अनिवार्य किया गया है।
ITEP कोर्स हेतु होगी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा
पहले 4 वर्षीय बीए-बीएड बीएससी-बीएड कोर्स में प्रवेश हेतु राज्य स्तरीय परीक्षाओं का आयोजित करवाया जाता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से बदल गई है। अब आईटीईपी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देना जरूरी है आपको बता दिया जाता है कि आईटीईपी कोर्स हेतु ऑनलाइन आवेदन की जो तिथि है 20 फरवरी शुरू है आवेदन की लास्ट डेट 16 मार्च है। प्रवेश परीक्षा एनसीईटी 2025 की 29 अप्रैल 2025 को होगी ऑफिशियल वेबसाइट exams.nta.ac.in/NCET पर अभ्यर्थी फॉर्म को भर पाएंगे।
ITEP कोर्स के यह है प्रमुख लाभ
आईटीईपी कोर्स के प्रमुख लाभों के बारे में बात कर लिया जाए तो बेहतर शिक्षण प्रशिक्षण आईटीईपी कोर्स के तहत भविष्य के शिक्षकों को फाउंडेशन प्रिपेरटॉरी मिडिल और सेकेंडरी ( 5+3+3+4 ) स्टार की शिक्षा प्रणाली के अनुसार तैयार किया जाने वाला है। राष्ट्रीय स्तर की मान्यता यह है कि यह कोर्स आईआईपी और अन्य केंद्रीय राज्य विश्वविद्यालय एवं सरकारी कॉलेज में यहां पर उपलब्ध रहेगी। शिक्षक बनने की जो अनिवार्य है 2030 के बाद शिक्षक बनने के लिए आईटीईपी गिरी अनिवार्य हो गई जिससे इसको उसकी पात्रता और अधिक यहां पर बढ़ गया है पहले यह केवल बीए बीएड, बीएससी बीएड उपलब्ध है लेकिन अब बीकॉम बीएड भी इस कोर्स के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है।














