रायपुर/एमपी। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नर्मदा मैया के दर्शन किए। मंत्री राजवाड़े ने इसकी जानकारी X में देते बताया, मध्यप्रदेश के खरगोन ज़िले में नर्मदा मैया की पावन गोद में बसा महेश्वर, नारी शक्ति और सुशासन की अद्भुत मिसाल पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर जी की कर्मभूमि है। गत दिवस महेश्वर और इंदौर स्थित रजवाड़ा पहुँचकर पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर जी के पदचिह्नों को नमन की — वह किला जहाँ से उन्होंने धर्म, सेवा और न्याय के आदर्शों पर राज्य चलाया, और वह महल जहाँ से होलकर वंश का गौरव आरंभ हुआ। नर्मदा मैया के दर्शन और अहिल्याबाई जी के जीवन की स्मृतियों ने आत्मा को गहराई तक छू लिया। त्याग, करुणा, कर्तव्य और नारी नेतृत्व का ऐसा संतुलन शायद ही इतिहास में कहीं और देखने को मिले। अहिल्याबाई जी का जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का अर्थ सेवा है, और नेतृत्व का आधार सिर्फ नीति और परिश्रम होना चाहिए। पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर जी का जीवन इतिहास नहीं, प्रेरणा है — हर उस जनसेवक के लिए जो सेवा को ही धर्म मानता है। हम सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर जनसेवा को ही सबसे बड़ा धर्म मानना चाहिए।





