कसडोल ,नगर में शारदीय नवरात्रि के समापन पर सोमवार को ज्वारा विसर्जन हर्षोल्लास से हुआ। माता सेवा की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु विसर्जन के लिए निकले।
शीतला मंदिर के ज्वारा विसर्जन में 50 से 60 युवक-युवतियों ने बाना धारण किया। युवाओं ने माता की भक्ति में लीन होकर आस्था प्रकट की। नगर में परंपरा के अनुसार सबसे पहले महामाया मंदिर के ज्वारा का विसर्जन हुआ। इसके बाद चंडी मंदिर, समलाई मंदिर के ज्वारा का विसर्जन हुआ। अंत में शीतला मंदिर का ज्वारा विसर्जन हुआ। ज्वारा विसर्जन को लेकर नगर में खास उत्साह रहा।
बजरंग चौक में आयोजन देखने, माता के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु जुटे। शीतला मंदिर के ज्वारा विसर्जन में हर साल युवाओं के बाना धारण करने की परंपरा निभाई जाती है। इस बार भी 50 से 60 युवक-युवतियों ने बाना लेकर विसर्जन यात्रा में भाग लिया। किसी ने गाल में बाना धारण किया। किसी ने जीभ, पीठ, पेट, हाथ में बाना धारण किया। माता सेवा की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते रहे। माहौल भक्तिमय बना रहा। बाना धारण कराने वाले बैगा नारायण यादव और सुरेश जायसवाल ने बताया कि कसडोल में ज्वारा विसर्जन के दौरान बाना धारण करने की परंपरा करीब 20 साल से लगातार चल रही है। हर साल श्रद्धालु उत्साह, आस्था के साथ इसमें शामिल होते हैं। ज्वारा विसर्जन के साथ नवरात्रि पर्व का समापन हुआ।






