Thursday, February 26, 2026
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    मिड-डे-मिल बनाते समय कुकर ब्लास्ट, रसोइया महिला गंभीर रूप से झुलसी

    धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जिले के ग्राम मडेली के भाटापारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में मिड-डे-मिल बनाने के दौरान कुकर ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में रसोई का काम करने वाली महिला गंभीर रूप से झुलस गई। फिलहाल घायल महिला का इलाज जिला अस्पताल में जारी है, जबकि परिजनों ने मुआवजे की मांग उठाई है। कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय केशरी यादव शासकीय प्राथमिक शाला भाटापारा में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार कर रही थीं। गुरुवार दोपहर वे रसोई में दाल पका रही थीं और साथ ही बगल में सब्जी भी बना रही थीं। इसी दौरान जब उन्होंने कुकर को नीचे उतारने की कोशिश की, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ और कुकर फट गया। धमाके के कारण भाप और गर्म पानी सीधे महिला के चेहरे और सीने पर आ गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गईं। हादसे के समय स्कूल परिसर में मौजूद अन्य लोग और शिक्षक तुरंत रसोई कक्ष की ओर दौड़े। वहां का दृश्य देखकर अफरा-तफरी मच गई।  घायल महिला की स्थिति घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और शिक्षकों की मदद से महिला को पहले नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में धमतरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश सूर्यवंशी ने बताया कि महिला लगभग 15 प्रतिशत तक झुलस चुकी हैं। उन्हें बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है और लगातार निगरानी में रखा गया है। परिजनों ने उठाई मुआवजे की मांग । इस हादसे के बाद पीड़ित महिला के परिजन आक्रोशित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल में रसोइयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और घायल महिला को उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि मिड-डे-मिल योजना के तहत काम करने वाली रसोइयों के पास न तो सुरक्षा के पर्याप्त साधन होते हैं और न ही उन्हें समय पर स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल पाती हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों में दहशत हादसे की खबर फैलते ही ग्राम मडेली और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया। कई अभिभावकों ने चिंता जताई कि स्कूलों में मिड-डे-मिल तैयार करते समय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। ऐसे में बच्चों और रसोइयों दोनों की सुरक्षा खतरे में रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि स्कूलों की रसोई व्यवस्था की समय-समय पर जांच की जाए और सुरक्षित उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

     

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