Wednesday, February 25, 2026
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    मुख्यमंत्री के वीडियो में छेड़छाड़ का मामला, FIR दर्ज

    रायपुर। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के एक भाषण का एडिट किया गया वीडियो वायरल होने के मामले में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समेत वरिष्ठ नेताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एफ.आई.आर. दर्ज कराई है। भाजपा के अनुसार, यह वीडियो छेड़छाड़ और तोड़-मरोड़ कर तैयार किया गया था, जिससे मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हुई है और आम जनता के बीच गलत संदेश फैलाया गया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता, रमेश ठाकुर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में बताया गया कि दिनांक 2 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री रायगढ़ जिले में आयोजित जिला स्तरीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन और सामाजिक भवन लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासी समाज के बेटा-बेटियों को उद्योग धंधा शुरू करने पर एक रूपये प्रति एकड़ जमीन मुहैया कराने की घोषणा की थी।

    लेकिन रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र की निवासी मनीषा गोंड़ ने अपने फेसबुक आईडी से उक्त भाषण का एडिट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसी प्रकार “भूपेश है तो भरोसा है” नामक फेसबुक पेज से भी वीडियो को तोड़-मरोड़ कर वायरल किया गया। भाजपा के अनुसार, वीडियो में गलत तथ्यों का समावेश किया गया और भाषण को छेड़छाड़ कर आम जनता में भ्रम फैलाया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि यह जघन्य कृत्य केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि विपक्षी राजनीतिक पार्टियों की साजिश का हिस्सा हो सकता है। इससे आदिवासी समाज और किसानों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। भाजपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि मनीषा गोंड़ और “भूपेश है तो भरोसा है” पेज के आईडी होल्डर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 336(2), 336(4), 340(2), 356(2), 352, 353(1)b, 353(2) BNS तथा आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए।

    भाजपा ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के संबोधन का मूल वीडियो और आरोपियों द्वारा एडिट किया गया वीडियो पेन ड्राइव में संलग्न किया गया है, ताकि पुलिस मामले की सही जांच कर सके। पार्टी ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि राजनीतिक साजिश और मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुँचाने का गंभीर प्रयास है। भाजपा नेताओं ने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है और कहा कि आरोपी जघन्य अपराध कर चुके हैं, जिससे छत्तीसगढ़ की जनता और मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में केवल एफ.आई.आर. दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, प्रदेश संयोजक बृजेशनाथ पाण्डेय और प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने संयुक्त रूप से इस आवेदन पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

    आवेदन के अनुसार, वायरल किए गए एडिट वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा और विवाद को जन्म दिया है। इससे आम जनता में भ्रम और गुस्सा फैलने के साथ-साथ राजनीतिक तनाव भी बढ़ा है। भाजपा ने कहा कि प्रशासन को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच कर आरोपी व्यक्तियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण में कही गई बातों को विकृत करके फैलाना सिर्फ एक जघन्य अपराध ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता के लिए भी खतरा है। इसलिए एफ.आई.आर. दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की गहन जांच आवश्यक है। भाजपा नेताओं के अनुसार, यह मामला स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया था और इससे आम जनता के बीच भ्रम पैदा हुआ। पार्टी ने पुलिस से अपील की है कि आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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