गजेंद्र साहू ।हल्दी चढ़ाई गई, मेहंदी लगाई गई और सेहरा भी सजाया गया। मतलब एकदम टॉप का दूल्हा बनाया गया रणवीर सिंह को। पर दुल्हन लेकर भाग गए अक्षय खन्ना। उनका औरा इतना हार्ड रहा कि सभी किरदार और उनकी अदाकारी फीकी पड़ गई।
अक्षय खन्ना, हाँ वही जिसे दर्शको ने हीरो के रूप में नहीं बल्कि खलनायक के रूप में अपना मसीहा बना लिया है। पर दर्शक देर से देखते हैं, उन्हें सिर्फ़ औरंगज़ेब और रहमान डकैत के रूप में मत देखिए। हमराज और रेस जैसी फ़िल्मों में भी वे हीरो के ऊपर भारी पड़े हैं। जब स्क्रीन पर अक्षय खन्ना होते हैं यकीन मानिए आप हीरो की उपस्थित को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। इस शादी में भले दूल्हे की एंट्री पहले हो गई पर जब वो आया तब सीधे दुल्हन उठाकर ले गया और सब उन्हें सिर्फ़ देखते रह गए एकदम एकटक।
हालाकि सभी के किरदार और सभी अदाकार बेहतरीन है। ट्रेलर के बाद मुझे अर्जुन रामपाल का किरदार सबसे खतरनाक और भयानक लगा। ऐस लगा था उन्हें फ़िल्म से ऊपर दिखया जाएगा पर फ़िलहाल इस पार्ट में वो चीज नज़र नहीं आई है। फ़िलहाल वो इस शादी में इस रिश्तेदार की तरह है जो अभी रूम में बैठकर दारू गटक रहा हो, हालाकि बीच-बीच में कुछ लोग को दारू के लिए आमंत्रण देने बाहर आ जाता है, अभी उसका भौकाल टाइट होना बाक़ी है।
माधवन उस शादी में कैटरिंग को रखवाली करते दिखे। जो बार-बार खाना टेस्ट करने और मेहमानों के हिसाब से खाना परोसने की ज़िम्मेदारी में हैं। बारात के सामने में राकेश बेदी पूरी तरह नाचते नज़र आयें हैं, जो बिल्कुल नागिन डांस करते हुए हर पब्लिक की छाती पर कूदता नज़र आता है, उन्हें हर किरदार से ज़्यादा टाइम मिला है।
संजय दत्त पार्किंग में खड़ी उस कार के मालिक की भूमिका में है जहाँ पूरी बारात जानती है कि पूरा दारू का स्टिक उसी के पास है, बारात नाचने वाले से लेकर एंजॉय करने वाले सभी उन्हें ढूँढते नज़र आते हैं। बस संजय दत्त का किरदार वैसा ही है। उनके बिना मनोरंजन अधूरा है।
बाक़ी किरदार बारात का मनोरंजन करने व उनके स्वागत करने में लगे हैं। सबकी अपनी-अपनी कहानी है और अपने किरदार के साथ न्याय करते नज़र आयें है। सबसे बड़े दर्शक मुझे रणवीर सिंह ही लगे हैं। बिल्कुल घोड़ी पर बैठे उस दूल्हे की तरह जो घोड़ी पर बैठकर केवल सभी को देखता है। फ़िल्म में वे सभी किरदारों को बस देख ही रहे हैं, बिल्कुल हमारी तरह।





