नाना पाटेकर 1999 में फिल्म की शूटिंग में बिजी थे,लेकिन उन्हें पता चलता है कि 1999 में कारगिल का युद्ध शुरू हो गया है।
इसके बाद नाना पाटेकर तुरंत अपना सारा काम छोड़कर कारगिल युद्ध में शामिल होने के लिए तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को फोन करते हैं। नाना पाटेकर ने रक्षा मंत्री से कहा,मैं कारगिल युद्ध में शामिल होना चाहता हूं।
इसके बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस शुरुआत में तो नाना पाटेकर की परमिशन को रिजेक्ट कर देते हैं।
लेकिन इसके बाद जब उनको पता चलता है कि नाना पाटेकर ने अपनी प्रहार फिल्म की शूटिंग के दौरान 6 महीनो तक आर्मी के साथ रहकर ट्रेनिंग की थी।
इसके बाद नाना पाटेकर को कारगिल युद्ध में शामिल होने की परमिशन मिल जाती है,परमिशन के बाद 60 दिनों तक टेरिटोरियल आर्मी में रहकर नाना पाटेकर कारगिल युद्ध में अपनी सेवाए करते हैं।
नाना पाटेकर उस दौरान कारगिल युद्ध में सोपिया,बारामुला, कुपवाड़ा और द्रास जैसे सेक्टर में भी कई दिनों तक रहे थे।
नाना पाटेकर का कारगिल युद्ध के दौरान 75 किलो के करीब वजन था,लेकिन 60 दिनों तक आर्मी की सेवा करने के बाद उनका वजन 20 किलो तक घट गया था।
नाना पाटेकर ने अपनी कारगिल युद्ध में शामिल होने की बात किसी को बताई नहीं थी,लेकिन बाद में लल्लनटॉप शो में पत्रकार के द्वारा पूछने पर पहली बार इस घटना का खुलासा किया था।
नाना पाटेकर के निधन पर पूरा देश उनको आज याद कर रहा है और अपनी दमदार एक्टिंग और अद्भुत प्रतिभा के दम पर नाना पाटेकर सदियों तक याद किए जाएंगे।
विनम्र श्रद्धांजलि ।






