युक्तियुक्तिकरण के विरोध में रणनीतिक बैठक 26 को

रायपुर।शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ — जो कि प्रदेश के 23 शिक्षक संगठनों का संयुक्त मंच है — ने युक्तियुक्तकरण की विसंगतिपूर्ण नीति के विरोध में आगामी 28 मई को मंत्रालय घेराव का एलान कर दिया है। इस आंदोलन को व्यापक बनाने और विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से 26 मई को रायपुर के शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संगठन के प्रदेश कार्यालय में एक संयुक्त बैठक आयोजित की जा रही है।इस बैठक के लिए शिक्षक साझा मंच द्वारा प्रदेश के दो प्रमुख कर्मचारी संगठनों को आमंत्रण/निवेदन पत्र जारी किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

 

श्री कमल वर्मा, प्रदेश संयोजक – छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन

श्री अनिल शुक्ला, प्रदेश संयोजक – छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी अधिकारी मोर्चा

बैठक का उद्देश्य: सहयोग और समर्थन

निवेदन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युक्तियुक्तकरण के विरुद्ध चल रहे आंदोलन को और अधिक व्यापक जनसमर्थन प्रदान करना है। इस विषय पर शिक्षक संगठनों की ओर से पहले ही मंत्रालय एवं संचालनालय को घेराव की सूचना दे दी गई है।

शिक्षक साझा मंच चाहता है कि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और संयुक्त मोर्चा अपने-अपने सभी घटक संगठनों को इस आंदोलन में भाग लेने हेतु निर्देशित करें। बैठक में उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति से यह संदेश जाएगा कि यह आंदोलन केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि समस्त राज्य कर्मचारी समुदाय का संघर्ष है।

शिक्षा हित बनाम युक्तियुक्तकरण की विसंगति

  • शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान युक्तियुक्तकरण नीति:
  • शिक्षा के अधिकार अधिनियम की मूल भावना के विरुद्ध है
  • विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या घटा रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ेग
  • 2008 के स्वीकृत सेटअप को दरकिनार करके न्यूनतम मापदंडों को जबरन लागू किया जा रहा है

इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों ने व्यापक जन जागरूकता अभियान शुरू किया है और यह आंदोलन अब राज्यस्तरीय आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

 

निवेदन पत्र में शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ के प्रमुख नेताओं एवं प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें शामिल हैं:केदार जैन, मनीष मिश्रा, वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र बनाफर, शंकर साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप पांडे, प्रदीप लहरें, राजकिशोर तिवारी, कमल दास मुरचले, प्रीतम कोशले, विक्रम राय, विष्णु प्रसाद साहू, धरम दास बंजारे, अनिल कुमार टोप्पो इत्यादि।

 

28 मई का आंदोलन

शिक्षक साझा मंच ने सभी कर्मचारी संगठनों से अपील की है कि यह केवल शिक्षकों की लड़ाई नहीं है, बल्कि समस्त कर्मचारियों के अधिकारों और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की रक्षा का मुद्दा है।26 मई की बैठक को इस आंदोलन की रणनीति का केंद्र बिंदु माना जा रहा है।अब देखना यह होगा कि क्या कर्मचारी संगठनों का यह समर्थन आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा।

Hot Topics

Related Articles