राजनांदगांव ।जिले के अंजोरा और कोपडीह के बीच संचालित एक कंपनी में 28 फरवरी को कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी प्रबंधन द्वारा 1 मार्च को मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं मुआवजे के रूप में अब तक केवल लगभग 50 हजार रुपए ही दिए जाने की बात सामने आई है, जिससे परिजनों और अन्य मजदूरों में नाराजगी है।
इसी के विरोध में मृतक की पत्नी बीती रात मुआवजे की मांग को लेकर कंपनी पहुंची, जिसके बाद से वहां हंगामे की स्थिति बन गई। सैकड़ों की संख्या में मजदूर मौके पर जुटे हुए हैं और लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
घटना की सूचना पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे, खबर लिखे जाने तक श्रम विभाग के अधिकारी अब तक नहीं पहुंचे हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिस बल भी पर्याप्त संख्या में मौजूद नहीं है, केवल 5 से 10 पुलिसकर्मी ही मौके पर नजर आए।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी में सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है, जिससे आए दिन मजदूर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके अलावा 8 घंटे की जगह 12 घंटे तक काम कराया जाता है।
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए, सभी मजदूरों के लिए बीमा सुविधा लागू की जाए, कार्य समय 8 घंटे निर्धारित किया जाए, सप्ताह में एक दिन अवकाश दिया जाए तथा रहने-खाने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और मजदूरों का प्रदर्शन जारी है। प्रशासन द्वारा मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





