रायपुर।रायपुर-विशाखापटनम भारतमाला सडक़ परियोजना के मुआवजा खूब चर्चा हो रही है, लेकिन सडक़ निर्माण कार्य भी से चल रहा है। बताया गया कि छत्तीसगढ़, ओडिशा, और आंध्रप्रदेश को जोडने वाली रायपुर-विशाखापटनम सिक्सलेन सडक़ का निर्माण कार्य अगले साल जून तक पूरा हो जाएगा। इस सिक्सलेन सडक़ से रायपुर से विशाखापटनम तक की दूरी 6-7 घंटे में तय की जा सकेगी। खास बात यह है कि कांकेर के पास सिक्सलेन टनल बन रहा है, जो कि 2.7 किमी लंबा है। यह छत्तीसगढ़ की पहला सडक़ टनल है।
रायपुर-विशाखापटनम सिक्सलेन सडक़ का निर्माण कार्य जून से शुरू हुआ था। रायपुर से विशाखापटनम तक दूरी 590 किमी है, लेकिन इस सडक़ के पूरा हो जाने पर रायपुर से विशाखापटनम की दूरी 464 किमी रह जाएगी। इस सिक्सलेन का निर्माण अभनपुर के गांव झांकी से शुरू हुई है, और कोंडागांव के अंतिम गांव मंगारपुर से होकर ओडिशा के नवरंगपुर जिले से जुड़ेगी। छत्तीसगढ़ में कुल 124 किमी सडक़ का निर्माण हो रहा है। ओडिशा में 240 किलोमीटर, और फिर आगे आन्ध्रप्रदेश में सडक़ की लंबाई सौ किलोमीटर है। यह सडक़ नवा रायपुर से धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव से होते हुए ओडिशा के नवरंगपुर, और कोरापुट जिले से गुजरेगी। आन्ध्रप्रदेश में सब्बावरम से होते हुए विशाखापट्टनम बंदरगाह में होगी। सडक़ का निर्माण कार्य एनएचएआई राजमार्ग विकास प्राधिकरण) कर रहीछत्तीसगढ़ का पहला टनल
परियोजना से जुड़े अफसरों का कहना है कि रायपुर-विशाखापटनम की यात्रा मन को लुभाने वाली रहेगी। पहाड़ और जंगल के बीच से गुजरने वाली सिक्सलेन सडक़ से यात्रा काफी आनंद देने वाला होगा। इनमें से 2.7 किमी लंबे टनल से होकर गुजरना रोमांचकारी भी होगा।
टनल कांकेर जिले के अंतिम गांव वासनवाही से शुरू हो रही है, और कोंडागांव जिले के केशकाल विधानसभा कोसमी गांव में खत्म होगी। घाटी के बीच से टनल तैयार किया जा रहा है। यह काम तेजी से चल रहा है। अफसरों का कहना है कि टनल की वजह से निर्माण में देरी हुई। वैसे तो सारा काम एनएचएआई कर रही है लेकिन डिप्टी सीएम अरूण साव नियमित इसकी समीक्षा कर रहे हैं और वो सडक़ निर्माण कार्यों का लेने जा चुके हैं।
आर्थिक गलियारा बनेगा
रायपुर-विशाखापटनम सडक़ परियोजना आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित होगा। छत्तीसगढ़ के चावल से लेकर कोंडागांव के हस्तशिल्प की मांग विदेशों में है, और सिक्सलेन बनने से आवाजाही तेजी से होगी। अफसरों का मानना है कि पर्यटन और उद्योग भी काफी बढ़ावा मिलेगा।





