- जवांगा ऑडिटोरिया में जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान साधना सत्र का भव्य आयोजन
- 14-15 दिसंबर को वाराणसी में होगा 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ एवं 103वां वार्षिकोत्सव
ब्रजेश पाण्डे,गीदम (दंतेवाड़ा)। विहंगम योग संत समाज द्वारा कन्याकुमारी से शुरू हुई राष्ट्रव्यापी ‘स्वर्वेद संदेश यात्रा’ दंतेवाड़ा के जावांगा ऑडिटोरियम पहुँची।
ऑडिटोरियम में आयोजित ‘जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान साधना सत्र’ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर स्वर्वेद कथामृत के प्रवर्तक संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने अपने अमृत वचनों से जनमानस को आत्म-जागरण की प्रेरणा दी।
*मन को साधने से जीवन सरल बनता है*
सभा को संबोधित करते हुए पूज्य संत प्रवर ने कहा, “केवल शरीर की पुष्टि और इंद्रियों की तृप्ति मानव जीवन का लक्ष्य नहीं है। यह जीवन लोककल्याण और आत्म-साक्षात्कार के लिए मिला है। बाहर की लड़ाइयां भीतर की हार से जन्म लेती हैं; आंतरिक शांति के अभाव के कारण ही आज संसार में अशांति है। यदि मन को साध लिया जाए, तो जीवन स्वतः सरल हो जाता है।”
उन्होंने बताया कि विहंगम योग के प्रणेता अनंत श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज ने गहन साधना से प्राप्त दुर्लभ आध्यात्मिक ज्ञान को ‘स्वर्वेद’ के माध्यम से जन-जन के लिए सुलभ किया। स्वर्वेद आध्यात्मिक ज्ञान का वह चेतन प्रकाश है, जो अविद्या और अंधकार को मिटाता है। संत प्रवर ने उपस्थित जनसमुदाय को विहंगम योग की क्रियात्मक साधना सिखाते हुए कहा कि यह साधना खुद से खुद की दूरी मिटाने का सर्वोत्तम मार्ग है।
*युवा परिस्थितियों का दास नहीं, स्वामी बने*
युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जिसमें वायु के समान वेग, उमंग और उत्साह है, वही सच्चा युवा है। युवा परिस्थितियों का दास नहीं, बल्कि उनका स्वामी होता है। युवा देश का केवल भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं।
*वाराणसी में 25,000 कुंडीय महायज्ञ का निमंत्रण*
आयोजकों ने जानकारी दी कि कन्याकुमारी से शुरू होकर तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए यह यात्रा अब छत्तीसगढ़ में गतिमान है। इसका मुख्य उद्देश्य 14-15 दिसंबर 2026 को वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में आयोजित होने वाले 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ एवं 103वें वार्षिकोत्सव “समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव” का संदेश व आमंत्रण जन-जन तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की रही उपस्थिति
समारोह में विहंगम योग संस्थान छत्तीसगढ़ के निदेशक बब्बन सिंह, उपाध्यक्ष कोटेश्वर चापड़ी, सुश्री श्यामा कुमार उसेंडी, कृष्ण राव पात्रो, सत्येंद्र कुमार स्वर्वेदी, महेश चापड़ी, योगेश्वरानंद नेताम, वीरेंद्र निषाद, हरेश साहू एवं दंतेवाड़ा संयोजक एल.पी. गुप्ता सहित बस्तर अंचल के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और संत प्रवर का दर्शन लाभ प्राप्त किया।








