राजनांदगांव । शहर के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निखिल द्विवेदी ने कहा है कि हाल ही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में रौनक इंटरप्राइजेस जैसे लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान में बड़े पैमाने पर नकली पनीर का निर्माण पकड़ा जाना अत्यंत चौंकाने वाला एवं आपराधिक कृत्य है।
द्विवेदी ने कहा कि शासन से लाइसेंस प्राप्त होने के बावजूद उक्त इकाई द्वारा मिल्क पाउडर, पाम ऑयल और अन्य अमानक सामग्री मिलाकर नकली पनीर तैयार किया जा रहा था, जो सीधे-सीधे शहरवासियों की जान से खिलवाड़ है। यह घटना प्रशासनिक अनियमितता नहीं, बल्कि एक गंभीर जनस्वास्थ्य अपराध है
निखिल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि—
• रौनक इंटरप्राइजेस के संचालक के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए।
• शहर की सभी पनीर निर्माण इकाइयों, डेयरियों, दुकानों, होटलों एवं ढाबों की बिना सूचना के विशेष जांच अभियान चलाया जाए।
• नकली पनीर की सप्लाई चेन में शामिल हर दोषी प्रतिष्ठान पर दुकान सील, लाइसेंस निरस्तीकरण एवं भारी आर्थिक दंड लगाया जाए।
• पूरे अभियान की जानकारी जनता के सामने पारदर्शी रूप से रखी जाए, ताकि दोषियों को संरक्षण न मिल सके।
वहीं पूर्व पार्षद गणेश पावर ने कहा कि नकली पनीर का सेवन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और आम नागरिकों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। ऐसे में प्रशासन को उदाहरणात्मक कार्रवाई कर यह संदेश देना होगा कि खाद्य सुरक्षा से छेड़छाड़ करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।





