रायपुर। क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत आज सुबह अपनी गिरफ्तारी देने के लिए मौदहापारा थाने पहुंचे। शेखावत पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर में तोमर मामले में कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को धमकी दी थी। इस धमकी के बाद मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसे पुरानी बस्ती के पूर्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगेश कश्यप ने दर्ज कराया। मामले की पृष्ठभूमि यह है कि डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आकर हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकालने का विरोध किया। उन्होंने इस लाइव वीडियो में पुलिसकर्मियों और रायपुर SSP के घर में घुसकर जवाब देने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया कि शेखावत की इस धमकी से पुलिसकर्मियों के सम्मान को ठेस पहुंची और उनका डर बढ़ा। शिकायत में आपराधिक धमकी, लोक सेवक को धमकाना और सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप शामिल किए गए।मौदहापारा पुलिस ने बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं में 15 नवंबर को एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी डॉ. शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर धमकी जारी रखी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि छत्तीसगढ़ में न्याय महापंचायत 7 दिसंबर को होगी और सरकार को चेतावनी दी कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग रायपुर कूच करेंगे। इस मामले में वीरेंद्र तोमर फिलहाल रायपुर पुलिस की गिरफ्त में हैं और उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट बयान दिया कि छत्तीसगढ़ में अपराधी किसी भी स्थिति में नहीं बख्शे जाएंगे, चाहे वे कोई भी हों। डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर 1 घंटे तक लाइव आकर समाज के लोगों से कहा कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की है। उन्होंने सवाल उठाया कि तोमर कोई आतंकवादी था, जिससे जुलूस निकाला गया।इस कार्रवाई का उत्तर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के घर में भी करणी सेना की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले तीन महीने पहले राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने रायपुर में कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद डॉ. शेखावत ने अपने समर्थन और विरोध का स्पष्ट बयान देते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो किया और समाज को लामबंद करने की चेतावनी दी। मौदहापारा थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और शेखावत की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारी इस मामले में आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की चुनौती को गंभीरता से लिया जाएगा। इस घटना ने रायपुर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा पुलिसकर्मियों को धमकी देने की घटना ने प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है। वहीं राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया कि कानून के बाहर कोई भी नहीं रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।





