दलेश्वर साहू की प्रेस वार्ता और धरने की चेतावनी का असर, किसान हित में 7 जनवरी को ही जारी हुआ आदेश
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)|धान खरीदी और किसान पंजीयन की अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू द्वारा 8 जनवरी को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन से पहले ही राज्य सरकार दबाव में आ गई। विधायक द्वारा कुछ दिन पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता में उठाए गए सवालों और आंदोलन की स्पष्ट चेतावनी का असर यह हुआ कि सरकार को धरने से पहले ही किसान हित में आदेश जारी करना पड़ा।
विधायक दलेश्वर साहू ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया था कि एकीकृत किसान पोर्टल की खामियों के कारण हजारों किसान धान बेचने से वंचित हैं। गलत पंजीयन, रकबा त्रुटि, आधार से जुड़ी समस्याएं और वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन नहीं होना गंभीर मुद्दा बन चुका है। विधायक ने साफ कहा था कि यदि शासन ने तुरंत सुधार नहीं किया तो 8 जनवरी को किसान कांग्रेस डोंगरगांव में धरने पर बैठेगी।
धरने से एक दिन पहले सरकार का आदेश
विधायक के ऐलान के ठीक बाद कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने 7 जनवरी 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया।
आदेश क्रमांक विविध/2021/14-2 / कं/23/एफ-03/19/ में स्पष्ट किया गया है कि एकीकृत किसान पोर्टल में कई जरूरी सुधार अब समितियों के लॉगिन में किए जाएंगे।
इन बिंदुओं पर मिली किसानों को राहत
शासन के आदेश के अनुसार अब—
- कैरी फारवर्ड की सुविधा दी गई है
- वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का नवीन पंजीयन संभव होगा
- सभी प्रकार के संशोधन किए जा सकेंगे
- आधार त्रुटि वाले मामलों में पुराने पंजीयन को निरस्त कर नया पंजीयन किया जाएगा
राजस्व विभाग की गिरदावरी व भौतिक सत्यापन के आधार पर, कलेक्टर की अनुशंसा से नया पंजीयन किया जा सकेगा
इन कार्यों के लिए 15 जनवरी 2026 और 31 जनवरी 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
सरकार पर दबाव की जीत :
हालांकि शासन ने आदेश जारी कर दिया है, मिली जानकारी के अनुसार 8 जनवरी का धरना प्रदर्शन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। धरने के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आदेश केवल कागजों तक सीमित न रह जाए, बल्कि उसका सीधा लाभ किसानों को मिले।





