आदर्श रामलीला नाटक मंडली के दूसरे दिन नारदमोह, मुनिआगमन और ताड़िका वध का मंचन
भाटापारा। आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा की रामलीला के दूसरे दिन नारदमोह, मुनिआगमन और ताड़िका वध की लीलाओं का मनमोहक मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को कभी हंसाया तो कभी भावुक कर दिया। विशेष रूप से राजा दशरथ द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेजने के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
नारदमोह और ताड़िका वध ने बांधा समां
रामलीला के दौरान नारदमोह प्रसंग में नारद की भूमिका निभा रहे हर्ष ने अपने अभिनय से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं, ताड़िका की भूमिका में कलाकार ने प्रभावशाली अभिनय करते हुए मंच पर भय का वातावरण बनाया। कलाकारों की प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा।
मुनिआगमन प्रसंग में महर्षि विश्वामित्र की भूमिका निभा रहे शौर्य मिश्रा ने राजा दशरथ से राक्षसों के वध और यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह किया। पुत्रों से बिछड़ने की कल्पना से व्याकुल दशरथ का भावुक दृश्य मंच पर जीवंत हो उठा।
भगवान श्रीराम की भूमिका कृपांश व्यास, लक्ष्मण की भूमिका वाशु शर्मा और राजा दशरथ की भूमिका लव शर्मा ने निभाई। तीनों कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
योगेश साहू ने की कलाकारों की सराहना
रामलीला के दूसरे दिन भगवान श्रीराम की आरती की गई। कार्यक्रम में साहू समाज के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कौन बनेगा करोड़पति के प्रतिभागी योगेश साहू भी रामलीला देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ समय बिताना उनके लिए आनंददायक रहा और रामलीला की गतिविधियों को नजदीक से देखना रोमांचक अनुभव था।
योगेश साहू ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत के बाद जो भी परिणाम मिले, उसे खुशी से स्वीकार करना चाहिए। कई बार जो चीज हमें नहीं मिलती, संभव है कि वह हमारे हिस्से की न हो। उन्होंने रामलीला के आयोजन और कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।
टीम वर्क को बताया सफलता का राज
रामलीला समिति के सचिव कोमल शर्मा ने योगेश साहू को उनके यूपीएससी करियर के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। साहू समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि सुकृत साहू ने मंचन की प्रशंसा करते हुए टीम वर्क को सफलता का प्रमुख आधार बताया। वहीं, वीणा साहू ने कहा कि रामलीला के मंच पर कलाकार रामायण के पात्रों को अपने जीवंत अभिनय से साकार कर देते हैं।






