Saturday, February 14, 2026
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    शिक्षकों की TET का मुद्दा विधानसभा में गूंजेगा,कांग्रेस विधायक ने सदन में सवाल उठाने का दिया आश्वासन

    रायपुर। प्रदेश के हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और भविष्य से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता का मुद्दा अब विधानसभा में चर्चा का विषय बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर और शक्ति जिला अध्यक्ष भोलाशंकर साहू के अनुरोध पर जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बालेश्वर साहू ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विधानसभा में प्रश्न लगाया है।

    विधानसभा में लगाए गए प्रश्न के माध्यम से शासन से प्रदेश में नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत उन शिक्षकों की कुल संख्या की जानकारी मांगी गई है, जिनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही इन शिक्षकों की जिलावार स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की गई है, ताकि यह पता चल सके कि किस जिले में कितने शिक्षक इस नियम से प्रभावित हो रहे हैं।

    प्रश्न में यह भी जानने का प्रयास किया गया है कि TET अनिवार्यता से संबंधित नियमों के संदर्भ में शासन ने माननीय न्यायालय में कोई पक्ष प्रस्तुत किया है या नहीं। यदि शासन द्वारा न्यायालय में पक्ष रखा गया है, तो उसका संक्षिप्त विवरण देने की मांग की गई है। वहीं, यदि इस संबंध में कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, तो शासन की प्रस्तावित कार्यवाही और नीति दिशा क्या होगी, इस पर भी स्पष्ट जवाब मांगा गया है।

    विशेष रूप से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संदर्भ में शासन की नीति, दिशा-निर्देश और संभावित शिथिलता को लेकर भी प्रश्न के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। यह मुद्दा इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी नियुक्ति TET नियम लागू होने से पहले हुई थी। ऐसे शिक्षकों के बीच लंबे समय से इस नियम को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।

    इसके अतिरिक्त अन्य विभागों में नियुक्ति के पश्चात किसी प्रकार की अनिवार्य योग्यता परीक्षा लागू किए जाने की स्थिति पर भी जानकारी चाही गई है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि क्या अन्य शासकीय सेवाओं में भी इसी प्रकार के नियम लागू किए गए हैं या यह व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित है।

    प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि TET अनिवार्यता का मुद्दा हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस विषय पर संवेदनशीलता और न्यायसंगत दृष्टिकोण के साथ विचार करेगा।

    विधायक बालेश्वर साहू ने भी शिक्षकों के हित में अपना पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि TET मुद्दे पर शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए वे हर आवश्यक कदम उठाने और संघर्ष के लिए तैयार हैं।

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