रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्यभर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मॉडल स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्री ने साफ निर्देश दिए कि आगामी शिक्षा सत्र से सभी विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और सायकल वितरण समय पर सुनिश्चित किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई
बैठक में प्रशासनिक उदासीनता पर भी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी को कार्य में लापरवाही बरतने पर शो कॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सेवा पुस्तिकाएं समय पर अपडेट करने के निर्देश
बैठक में कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अपडेट नहीं होने की समस्या भी सामने आई। इस पर मंत्री यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नवंबर तक सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री की मंशा: हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मंत्री यादव ने बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि राज्य का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि सरकार की यह प्रतिबद्धता है कि किसी भी विद्यार्थी को अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कवायद
बैठक में यह भी तय हुआ कि मॉडल स्कूलों की स्थापना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को समान अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, नि:शुल्क शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





