Wednesday, February 25, 2026
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    संस्कृति विभाग पर पक्षपात के आरोप: विवादित संस्था को फिर मिला सरकारी सहयोग, एनएसयूआई ने मांगी जांच

    17 अगस्त को रायपुर में ‘तिरंगा तोला नमन’ — पुराना आयोजन विभाग पहले कर चुका है रद्द

    रायपुर। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक बार फिर विवादों में घिरी सांईनाथ फाउंडेशन को आर्थिक सहयोग देने पर सवाल खड़े हो गए हैं। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने विभाग के संचालक को पत्र लिखकर 17 अगस्त को रायपुर में होने वाले “तिरंगा तोला नमन” कार्यक्रम की तत्काल जांच और अनुदान रद्द करने की मांग की है।

    झा ने आरोप लगाया कि विभाग लगातार बिना किसी निर्धारित मापदंड के इस संस्था को विशेष आर्थिक सहयोग देता रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को मदद से वंचित रखा जाता है। पत्र में कहा गया है कि यह संस्था केवल छत्तीसगढ़ी नाम का इस्तेमाल करती है, लेकिन मंच पर हिंदी के बाहरी राज्यों के कवियों को प्राथमिकता देती है और उनसे “सुनियोजित सांठगांठ” के तहत कार्यक्रम कराती है।

    पुराना विवाद भी आया सामने

    एनएसयूआई ने याद दिलाया कि पूर्व में भी यह संस्था विवादित हो चुकी है और उस समय संस्कृति विभाग ने इसके आयोजन को रद्द कर दिया था। इसके बावजूद अब विभाग का रुख अचानक बदलना और फिर से आर्थिक सहयोग देना, विभागीय भ्रष्टाचार और पक्षपात की ओर संकेत करता है।

    झा ने कहा कि “जब स्थानीय कलाकार और संगठन विभाग की मदद के लिए दर-दर भटकते हैं, तब एक विवादित संस्था को लगातार आर्थिक सहयोग मिलना समझ से परे है।”

    मांगें और अगला कदम

    एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि अगर मामले की जांच नहीं हुई और अनुदान रद्द नहीं किया गया, तो संगठन विभाग के खिलाफ आंदोलन करेगा।

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